वज़न दोबारा बढ़ना कितना आम है?
किसी भी तरह के इलाज के बाद वज़न का लौटना बहुत आम है, और यही दिखाता है कि मोटापे के पीछे की जैविक ताक़त कितनी बड़ी है। लाइफस्टाइल कार्यक्रमों के बाद बहुत से लोगों का कुछ वज़न अगले सालों में धीरे-धीरे वापस आता है। वज़न घटाने की दवाएँ बंद करने पर यह अक्सर ज़्यादा तेज़ होता है।
The BMJ में 37 अध्ययनों की एक हालिया समीक्षा का अनुमान था कि नई दवाएँ बंद करने के क़रीब डेढ़ साल बाद वज़न शुरुआती स्तर पर लौट आया था, जबकि लाइफस्टाइल कार्यक्रम ख़त्म होने के बाद वापसी धीमी थी।
लंबे समय के नतीजे उससे बेहतर हैं जितना बहुत से लोग सोचते हैं। अमेरिका के 29 अध्ययनों की एक समीक्षा में पाया गया कि एक व्यवस्थित कार्यक्रम के पाँच साल बाद भी औसत व्यक्ति का वज़न शुरुआत से 3 kg से ज़्यादा कम था।
एक और समीक्षा का अनुमान था कि ज़्यादा वज़न वाले लगभग पाँच में से एक व्यक्ति अपना कम से कम 10% वज़न घटाकर उसे कम से कम एक साल तक बनाए रख पाता है। अमेरिका की नेशनल वेट कंट्रोल रजिस्ट्री के सदस्यों ने औसतन 33 kg घटाया था और उसे पाँच साल से ज़्यादा समय तक बनाए रखा था।
वज़न फिर से क्यों बढ़ता है?
ऐसा इसलिए होता है क्योंकि दिमाग़ और शरीर वज़न घटने को एक ख़तरे की तरह लेते हैं और खोया हुआ वज़न वापस पाने की कोशिश करते हैं। कई बदलाव साथ मिलकर काम करते हैं।
भूख के हार्मोन बदल जाते हैं
वज़न घटने के बाद तृप्ति का संकेत देने वाले लेप्टिन जैसे हार्मोन घट जाते हैं, और भूख का हार्मोन घ्रेलिन बढ़ जाता है। एक ऑस्ट्रेलियाई अध्ययन में 50 वयस्कों ने बहुत कम ऊर्जा वाली डाइट पर लगभग 13 kg घटाया। साल भर बाद भी उनके हार्मोन भूख बढ़ाने वाली दिशा में खिसके हुए थे, और औसतन लगभग 5 kg वापस आ चुका था। पहले जितना ही खाने पर भी लोग ज़्यादा भूखे महसूस करते हैं और खाने के बारे में ज़्यादा सोचते हैं।
शरीर कम ऊर्जा ख़र्च करता है
छोटे शरीर को कम ऊर्जा चाहिए, पर यह गिरावट अक्सर अनुमान से ज़्यादा होती है, जिसे मेटाबॉलिक अनुकूलन कहते हैं। टीवी की एक वज़न घटाने वाली प्रतियोगिता के 14 प्रतिभागियों पर अध्ययन में, छह साल बाद भी उनका आराम वाला मेटाबॉलिज़्म शुरुआत से रोज़ लगभग 700 kcal कम था, और उनके शरीर के आकार के हिसाब से अपेक्षित स्तर से रोज़ लगभग 500 kcal कम।
उस अध्ययन में वज़न बहुत ज़्यादा घटा था, लेकिन छोटे अनुकूलन ज़्यादातर लोगों में होते हैं।
ज़िंदगी और माहौल
तनाव, ख़राब नींद, बीमारी, कुछ दवाएँ, ज़िंदगी की घटनाएँ और सस्ते, कैलोरी-घने खाने से भरा माहौल, सब वज़न बनाए रखना कठिन करते हैं। पढ़ें: खाने का माहौल और वज़न बढ़ा सकने वाली दवाएँ।
वज़न लौटने के आम कारण क्या हैं, और हर एक में क्या मदद करता है?
ज़्यादातर मामलों में वज़न कुछ आम कारणों से लौटता है, और हर कारण का अपना व्यावहारिक जवाब है। अपना खान-पान या कसरत का प्लान बदलने से पहले अपने डॉक्टर से बात करें, ख़ासकर अगर आपको कोई बीमारी है या आप दवाएँ लेते हैं।
| आम कारण | क्या हो रहा है | क्या मदद कर सकता है | और पढ़ें |
|---|---|---|---|
| भूख बढ़ जाती है | लगभग 13.5 kg घटने के बाद लेप्टिन जैसे तृप्ति के हार्मोन कम और घ्रेलिन ज़्यादा था, और एक साल बाद भी भूख बढ़ी हुई थी | प्रोटीन, फ़ाइबर और सब्ज़ियों वाला नियमित खाना, और पहले से तय नाश्ता | मुफ़्त डाइट प्लान |
| शरीर कम ऊर्जा इस्तेमाल करता है | हल्का शरीर कम कैलोरी जलाता है, और यह गिरावट कभी-कभी उम्मीद से ज़्यादा होती है | रोज़ पैदल चलना, साथ में मांसपेशियाँ बचाने के लिए ताक़त वाली कसरत | वज़न घटाने के लिए पैदल चलना |
| सहारा बंद हो जाता है | कार्यक्रम ख़त्म हो जाता है और केयर टीम से संपर्क कम होता जाता है | लगातार संपर्क; खाने और गतिविधि पर बने मेंटेनेंस कार्यक्रमों से एक साल बाद लगभग 1.6 kg कम वज़न लौटा | मदद ढूँढें |
| तनाव, ख़राब नींद या उदास मन | ये भूख, तलब और चलने-फिरने की ऊर्जा को बदल देते हैं | सोने का तय रूटीन, सुकून पाने के तरीक़े और ज़रूरत हो तो मनोवैज्ञानिक मदद | मनोवैज्ञानिक मदद |
| भावनाओं से निपटने के लिए खाना | तनाव, ऊब या उदासी से निपटने का मुख्य तरीक़ा खाना बन जाता है | ट्रिगर पहचानना और निपटने के दूसरे तरीक़े बनाना, जैसे थोड़ी देर टहलना या किसी को फ़ोन करना | भावनात्मक खाना |
| कोई नई दवा | कुछ दवाएँ भूख या वज़न बढ़ाती हैं | अपने डॉक्टर से दवाओं की समीक्षा करवाएँ; कोई दवा ख़ुद से कभी बंद न करें | दवाएँ और वज़न |
| वज़न घटाने की दवा बंद हो जाती है | भूख लौट आती है और वज़न अक्सर एक से दो साल में फिर बढ़ जाता है | डॉक्टर के साथ बनाया गया प्लान, जिसमें अच्छा खाना और रोज़ पैदल चलना पहले से शामिल हो | दवाओं के तथ्य |
सहारे का यह असर 7,788 वयस्कों वाले 45 ट्रायल की एक समीक्षा से आता है। जिन कार्यक्रमों ने खाने और शारीरिक गतिविधि, दोनों पर काम किया, उनमें 12 महीने बाद तुलना वाले समूहों से लगभग 1.6 kg कम वज़न लौटा।
यह छोटा लग सकता है, लेकिन सालों में यह जुड़ता जाता है। यही वजह है कि सब ठीक चल रहा हो, तब भी अपनी केयर टीम से संपर्क बनाए रखें।
क्या वज़न दोबारा बढ़ना नाकामी है?
नहीं, यह नाकामी नहीं है: जब इलाज रुक जाए या काफ़ी मज़बूत न हो, तो एक क्रॉनिक बीमारी में यही अपेक्षित है। हाई ब्लड प्रेशर के बारे में सोचिए। दवा बंद करने पर ब्लड प्रेशर बढ़ जाए, तो कोई इसे निजी नाकामी नहीं कहता। मोटापे पर भी यही बात लागू होती है।
अपराध-बोध या शर्म अक्सर हालात और कठिन कर देते हैं, और कलंक की वजह से लोग देखभाल से कतराने लगते हैं। देखें बॉडी शेमिंग और वज़न को लेकर कलंक। याद रखें, वज़न घटने के सेहत वाले फ़ायदे गिने जाते हैं, भले ही कुछ वज़न लौट आए। बेहतर ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर, फ़िटनेस या मूड का हर दौर क़ीमती है।
मोटापे को क्रॉनिक बीमारी की तरह क्यों देखा जाता है?
मोटापे को क्रॉनिक बीमारी की तरह इसलिए देखा जाता है क्योंकि इसे चलाने वाली जैविक प्रणाली वज़न घटने के बाद ग़ायब नहीं होती। The Lancet Diabetes and Endocrinology के एक अंतरराष्ट्रीय आयोग ने, जिसे 75 से ज़्यादा मेडिकल संगठनों का समर्थन है, क्लिनिकल मोटापे को ऐसी क्रॉनिक बीमारी के रूप में परिभाषित किया है जिसे समय पर, सबूतों पर आधारित देखभाल चाहिए। और पढ़ें: क्लिनिकल मोटापा।
व्यवहार में इसका मतलब है:
- शुरुआत से ही वज़न बनाए रखने की योजना बनाएँ, सिर्फ़ घटाने वाले दौर की नहीं;
- अपनी देखभाल टीम से नियमित संपर्क में रहें, तब भी जब सब ठीक चल रहा हो;
- वज़न बढ़ना शुरू होते ही इलाज में बदलाव करें, इंतज़ार न करें।
घटा हुआ वज़न बनाए रखने में क्या मदद करता है?
घटा वज़न बनाए रखने के सबसे मज़बूत सबूत लगातार सहारे के साथ नियमित शारीरिक सक्रियता, जैसे रोज़ पैदल चलना, अच्छे खाने और नियमित रूप से ख़ुद पर नज़र रखने के लिए हैं। अच्छे सबूतों वाली रणनीतियाँ:
- लगातार संपर्क किसी पेशेवर या कार्यक्रम से, आमने-सामने, फ़ोन पर या ऑनलाइन।
- नियमित शारीरिक सक्रियता। जो लोग वज़न बनाए रखते हैं, वे अक्सर रोज़ लगभग एक घंटा सक्रिय रहते हैं, ज़्यादातर पैदल चलकर। जितना भी हो, मदद करता है: रोज़ छोटी सैर से शुरू करके बढ़ाएँ। हमारे मुफ़्त वर्कआउट जैसी स्ट्रेंथ ट्रेनिंग मांसपेशियों को बचाने में मदद करती है।
- ख़ुद पर नज़र। नियमित रूप से वज़न लेना, जैसे हफ़्ते में एक बार, छोटे बदलाव जल्दी पकड़ने में मदद करता है। अगर वज़न लेने से बेचैनी होती है, तो अपनी देखभाल टीम के साथ कोई दूसरा तरीक़ा तय करें।
- भोजन का नियमित ढर्रा पर्याप्त प्रोटीन और फ़ाइबर के साथ, जो भूख संभालने में मदद करता है।
- अच्छी नींद और तनाव का प्रबंधन।
- कठिन समय के लिए योजना, जैसे छुट्टियाँ, त्योहार, बीमारी या तनाव भरे दौर।
अमेरिका की नेशनल वेट कंट्रोल रजिस्ट्री में, जिन लोगों ने कम से कम 13.6 kg (30 पाउंड) घटाया और कम से कम एक साल बनाए रखा, वे आम तौर पर यही आदतें बताते हैं। ज़्यादा जानकारी: लाइफस्टाइल से इलाज।
दवा और वज़न लौटने का क्या रिश्ता है?
वज़न घटाने की दवा बंद करने पर वज़न आम तौर पर वापस आता है। STEP 1 के विस्तार में, सेमाग्लूटाइड बंद करने के एक साल बाद लोगों का घटाया हुआ लगभग दो-तिहाई वज़न लौट आया था। किसी दवा को लंबे समय तक जारी रखने का मतलब है लगातार ख़र्च, साइड इफ़ेक्ट की संभावना और ऐसे सवाल जिनका जवाब लंबे शोध ने अभी नहीं दिया।
पहुँच और ख़र्च की भरपाई के नियम देश-दर-देश अलग हैं। तथ्य हमारे पेज वज़न घटाने की दवा पर पढ़ें।
दवा आपके लिए सही है या नहीं, इस पर अपने डॉक्टर से बात करें। Obesity Foundation वज़न घटाने की दवाओं की सलाह या प्रचार नहीं करता। हमारा ध्यान अच्छे खाने, सही व्यायाम और पैदल चलने पर है, ऐसी आदतें जो आपकी मदद करती हैं चाहे आप कभी दवा लें या नहीं।
इलाज दोबारा कैसे शुरू करें?
इलाज आप कभी भी दोबारा शुरू कर सकते हैं, और सबसे अच्छा है कि वज़न बढ़ना शुरू होते ही जल्दी मदद लें। मददगार क़दम:
- अपॉइंटमेंट लें अपने डॉक्टर या देखभाल टीम के साथ। साफ़ कहें कि आपको वज़न लौटने को लेकर मदद चाहिए।
- देखें कि क्या बदला। नई दवाएँ, तनाव, नींद की दिक़्क़त, बीमारी या ज़िंदगी की घटनाएँ, सब भूमिका निभा सकते हैं।
- अपने विकल्पों पर नज़र डालें। यह नया लाइफस्टाइल कार्यक्रम, डाइटीशियन, मनोवैज्ञानिक सहायता, रोज़ की सैर और नियमित व्यायाम पर लौटना, या बेरियाट्रिक सर्जरी के बाद की समीक्षा हो सकती है। आपके डॉक्टर मेडिकल विकल्प भी समझा सकते हैं।
- यथार्थवादी लक्ष्य रखें। वज़न को और बढ़ने से रोक लेना भी अपने आप में सफलता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या बार-बार की यो-यो डाइटिंग मेटाबॉलिज़्म को हमेशा के लिए ख़राब कर देती है?
वज़न घटने से ऊर्जा का ख़र्च घटता है, और इसका कुछ हिस्सा सालों तक रह सकता है, लेकिन शोध से यह नहीं दिखता कि ज़्यादातर लोगों में बार-बार की कोशिशों से स्थायी नुक़सान होता है। असली मुद्दा यह है कि शरीर अपना वज़न बचाता है। इसीलिए छोटी डाइट के बजाय लंबा सहारा सबसे अच्छा काम करता है।
GLP-1 दवाएँ बंद करने के बाद वज़न कितनी जल्दी लौटता है?
यह लोगों में अलग होता है, पर अध्ययनों में घटा हुआ ज़्यादातर वज़न एक से दो साल में लौट आया। एक हालिया समीक्षा का अनुमान था कि सेमाग्लूटाइड या टिरज़ेपाटाइड बंद करने के लगभग 1.5 साल बाद वज़न शुरुआती स्तर पर पहुँच जाता है। बंद करने से पहले डॉक्टर से बात करें, और उसके बाद के दौर में अच्छा खाना, रोज़ पैदल चलना और सहारा जारी रखें।
अगर वज़न लौट सकता है, तो क्या घटाना फ़ायदेमंद है?
हाँ। जब तक वज़न कम रहता है, ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर, फ़िटनेस और सेहत का एहसास बेहतर रहते हैं, और अच्छा खाना, नियमित पैदल चलना और लगातार सहारा बहुत से लोगों को घटे वज़न का अहम हिस्सा बनाए रखने में मदद करते हैं। मोटापे को लंबे सहारे वाली क्रॉनिक बीमारी की तरह संभालना टिकाऊ फ़ायदों का सबसे अच्छा मौक़ा देता है।
कितने लोग घटा हुआ वज़न बनाए रख पाते हैं?
जितना बहुत से लोग सोचते हैं, उससे ज़्यादा। एक समीक्षा का अनुमान था कि ज़्यादा वज़न वाले लगभग पाँच में से एक व्यक्ति अपना कम से कम 10% वज़न घटाकर उसे कम से कम एक साल तक बनाए रखता है। अमेरिकी अध्ययनों में लोग एक व्यवस्थित कार्यक्रम के पाँच साल बाद भी औसतन 3 kg से ज़्यादा हल्के थे। थोड़ी-सी स्थायी कमी भी आपकी सेहत के लिए मायने रखती है।
क्या समय के साथ वज़न बनाए रखना आसान हो जाता है?
बहुत से लोगों के लिए, हाँ। अमेरिका की नेशनल वेट कंट्रोल रजिस्ट्री के शोधकर्ताओं ने पाया कि जब लोग दो से पाँच साल तक अपना वज़न बनाए रख चुके थे, तो लंबे समय की सफलता की उनकी संभावना काफ़ी बढ़ गई। शुरुआती साल आम तौर पर सबसे मुश्किल होते हैं, इसलिए उसी समय लगातार सहारा सबसे ज़्यादा ज़रूरी है।
वज़न धीरे-धीरे बढ़ने लगे तो क्या मुझे फिर से सख़्त डाइट शुरू करनी चाहिए?
आम तौर पर नहीं। बहुत सख़्त डाइट लंबे समय तक निभाना मुश्किल होता है और इससे वज़न घटने-बढ़ने का नया चक्र शुरू हो सकता है। पहले अपने डॉक्टर से बात करें, फिर नियमित भोजन, रोज़ की सैर और उन आदतों पर लौटें जो पहले आपके काम आई थीं।
स्रोत
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