बेरियाट्रिक सर्जरी क्या है और यह किसके लिए है?

बेरियाट्रिक सर्जरी, जिसे मेटाबॉलिक सर्जरी भी कहते हैं, पेट और कभी-कभी आँत में बदलाव करके भूख घटाती है और शरीर के खाना संभालने का तरीक़ा बदलती है। यह गंभीर मोटापे वाले कुछ लोगों के लिए एक बड़ा ऑपरेशन है, जो विशेषज्ञ टीम के साथ मिलकर तय होता है, और इसके बाद उम्र भर फ़ॉलो-अप चाहिए।

लेखक: Geert Jan Brugman, संस्थापक
आख़िरी समीक्षा: · 8 मिनट में पढ़ें

यह पेज सामान्य, निष्पक्ष जानकारी देता है। सर्जरी आपके लिए सही है या नहीं, और कौन-सी, यह एक विशेषज्ञ टीम के साथ मिलकर तय होता है। मानदंड और ख़र्च की भरपाई देश-दर-देश अलग है। Obesity Foundation सर्जरी या वज़न घटाने की दवाओं का प्रचार नहीं करता; हमारा ध्यान अच्छे खाने, सही व्यायाम और पैदल चलने पर है।

बेरियाट्रिक सर्जरी कैसे काम करती है?

बेरियाट्रिक सर्जरी मुख्य रूप से आँत और दिमाग़ के बीच के संकेतों को बदलकर काम करती है, सिर्फ़ पेट छोटा करके नहीं। सर्जरी के बाद GLP-1 जैसे आँत के हार्मोन बदल जाते हैं, भूख घटती है और पेट जल्दी भरा लगता है।

ब्लड शुगर अक्सर कुछ ही दिनों में सुधर जाता है, ज़्यादा वज़न घटने से पहले ही। इसीलिए विशेषज्ञ अब मेटाबॉलिक और बेरियाट्रिक सर्जरी की बात करते हैं। लगभग सभी ऑपरेशन दूरबीन (लैप्रोस्कोपिक) तरीक़े से होते हैं।

सर्जरी के कौन-से प्रकार हैं?

दुनिया भर में सबसे आम दो ऑपरेशन स्लीव गैस्ट्रेक्टोमी और रू-एन-वाई गैस्ट्रिक बाइपास हैं।

बेरियाट्रिक सर्जरी के आम प्रकार
ऑपरेशनसर्जन क्या करते हैंजानने लायक़ बातें
स्लीव गैस्ट्रेक्टोमीपेट का ज़्यादातर हिस्सा हटा देते हैं, एक पतली नली जैसा हिस्सा बचता हैपलटा नहीं जा सकता। एसिड रिफ़्लक्स पैदा कर सकता है या बढ़ा सकता है।
रू-एन-वाई गैस्ट्रिक बाइपासपेट की एक छोटी थैली बनाकर उसे सीधे छोटी आँत से जोड़ते हैं, ताकि खाना पेट के ज़्यादातर हिस्से और आँत के पहले हिस्से को छोड़कर आगे जाएऔसतन ज़्यादा वज़न घटता है। गंभीर एसिड रिफ़्लक्स होने पर अक्सर इसे चुना जाता है। विटामिन और आयरन की कमी का जोखिम ज़्यादा। पलटना कठिन।
डुओडेनल स्विच और ऐसे ही ऑपरेशनस्लीव के साथ छोटी आँत का लंबा बाइपाससबसे ज़्यादा वज़न घटता है, पर पोषक तत्वों की कमी का जोखिम सबसे ज़्यादा। कम किए जाते हैं।
एडजस्टेबल गैस्ट्रिक बैंडपेट के ऊपरी हिस्से के चारों ओर एक कसने-ढीला करने वाला बैंड लगाते हैंकम वज़न घटता है और बार-बार एडजस्ट करना पड़ता है। अब शायद ही इस्तेमाल होता है।

दूसरे विकल्प, जैसे वन-एनास्टोमोसिस गैस्ट्रिक बाइपास, और मुँह के रास्ते एंडोस्कोपिक प्रक्रियाएँ, कुछ देशों में उपलब्ध हैं। आपकी सेहत के हिसाब से कौन-सा ऑपरेशन ठीक है, इस पर सर्जन आपसे बात करेंगे।

बेरियाट्रिक सर्जरी के लिए कौन पात्र है?

अमेरिकन सोसाइटी फ़ॉर मेटाबॉलिक एंड बेरियाट्रिक सर्जरी (ASMBS) और इंटरनेशनल फ़ेडरेशन फ़ॉर द सर्जरी ऑफ़ ओबेसिटी एंड मेटाबॉलिक डिसऑर्डर्स (IFSO) के साझा अंतरराष्ट्रीय दिशानिर्देशों के अनुसार, 35 या ज़्यादा BMI वाले वयस्कों के लिए सर्जरी की सिफ़ारिश है, चाहे उन्हें दूसरी सेहत समस्याएँ हों या नहीं। 30 से 34.9 BMI और टाइप 2 डायबिटीज़ जैसी मेटाबॉलिक बीमारी वाले वयस्कों के लिए इस पर विचार होना चाहिए।

एशियाई मूल के लोगों में सेहत के जोखिम कम BMI पर शुरू हो जाते हैं, इसलिए यही दिशानिर्देश एशियाई लोगों को 27.5 BMI से सर्जरी का विकल्प देने की सलाह देते हैं। भारत और दक्षिण एशिया के पाठकों के लिए यह बात ख़ास तौर पर अहम है।

राष्ट्रीय मानदंड अक्सर ज़्यादा सख़्त हैं। उदाहरण के लिए, ब्रिटेन में NICE 40 या ज़्यादा BMI, या किसी अहम मोटापे से जुड़ी बीमारी के साथ 35 से 39.9 BMI वाले वयस्कों के लिए सर्जरी के आकलन की सलाह देता है। कई देशों में ऐसी टीम से आकलन भी ज़रूरी है जिसमें सर्जन, डाइटीशियन और मनोवैज्ञानिक हों।

अपने यहाँ के नियम डॉक्टर से पूछें। ये माप हमारे पेज बीएमआई और कमर का माप पर समझाए गए हैं।

किस तरह के नतीजों की उम्मीद रखें?

बेरियाट्रिक सर्जरी से आम तौर पर काफ़ी वज़न घटता है, और नतीजे लोगों में अलग होते हैं। सालों में थोड़ा वज़न वापस आना आम है। अध्ययनों ने वज़न से आगे के असर भी देखे हैं:

  • टाइप 2 डायबिटीज़: बहुत से लोगों को डायबिटीज़ की कम या कोई दवा नहीं चाहिए होती, हालाँकि समय के साथ डायबिटीज़ लौट सकती है।
  • दूसरी बीमारियाँ: हाई ब्लड प्रेशर, स्लीप एपनिया, फ़ैटी लिवर और जोड़ों का दर्द अक्सर सुधरते हैं।

जोखिम क्या हैं?

अनुभवी केंद्रों में बेरियाट्रिक सर्जरी अब एक सुरक्षित ऑपरेशन है, लेकिन हर बड़ी सर्जरी की तरह इसके भी जोखिम हैं। लगभग 2,50,000 ऑपरेशनों के एक अमेरिकी रजिस्टर में 0.1 प्रतिशत लोगों की 30 दिनों के भीतर मौत हुई। संभावित जटिलताएँ:

  • सर्जरी के तुरंत बाद लीक, ख़ून बहना, संक्रमण या ख़ून के थक्के;
  • सिकुड़न, अल्सर या हर्निया, जिनके लिए कभी-कभी दूसरा ऑपरेशन चाहिए;
  • पित्त की पथरी, जैसा किसी भी तेज़ वज़न घटने में होता है;
  • एसिड रिफ़्लक्स, ख़ासकर स्लीव गैस्ट्रेक्टोमी के बाद;
  • विटामिन और खनिजों की कमी, जैसे आयरन, विटामिन B12, फ़ोलेट, कैल्शियम और विटामिन D।

उम्र भर के फ़ॉलो-अप में क्या शामिल है?

बेरियाट्रिक सर्जरी के बाद की ज़िंदगी में उम्र भर देखभाल चाहिए, क्योंकि शरीर पोषक तत्व अलग तरह से सोखता है। इसमें आम तौर पर शामिल है:

  • ज़िंदगी भर रोज़ विटामिन और खनिज, साथ में कमी जाँचने के लिए नियमित ख़ून की जाँच।
  • नए ढंग से खाना: छोटे भोजन, धीरे खाना, पर्याप्त प्रोटीन, और भोजन के साथ नहीं बल्कि बीच में पानी पीना।
  • डंपिंग सिंड्रोम: गैस्ट्रिक बाइपास के बाद मीठा या तला खाना बहुत जल्दी आँत में पहुँच सकता है, जिससे मरोड़, पसीना, चक्कर या दस्त होते हैं। खाने के कुछ घंटे बाद ब्लड शुगर गिर भी सकता है।
  • शराब से सावधानी: सर्जरी के बाद शराब तेज़ी से सोखी जाती है। एक बड़े अमेरिकी अध्ययन में गैस्ट्रिक बाइपास वाले लोगों में सात साल में शराब से जुड़ी समस्याओं का जोखिम गैस्ट्रिक बैंड वालों से दोगुने से ज़्यादा था।
  • गर्भावस्था की योजना: डॉक्टर आम तौर पर वज़न स्थिर होने तक, अक्सर 12 से 18 महीने, रुकने और अतिरिक्त जाँच की सलाह देते हैं। देखें प्रेगनेंसी में मोटापा।
  • मानसिक सहारा: शरीर और खाने में बड़े बदलाव तेज़ भावनाएँ जगा सकते हैं। मनोवैज्ञानिक सहायता मदद कर सकती है।

अगर सर्जरी के बाद वज़न लौटे, तो मदद उपलब्ध है: अपनी विशेषज्ञ टीम से विकल्पों पर बात करें। अच्छा खाना, रोज़ पैदल चलना और नियमित व्यायाम उम्र भर ज़रूरी रहते हैं। और पढ़ें: वज़न दोबारा बढ़ना।

क्या किशोरों की बेरियाट्रिक सर्जरी हो सकती है?

हाँ, अंतरराष्ट्रीय दिशानिर्देश कहते हैं कि गंभीर मोटापे वाले, सावधानी से चुने गए किशोरों के लिए विशेषज्ञ केंद्रों में सर्जरी पर विचार होना चाहिए। अमेरिका के Teen-LABS अध्ययन में गैस्ट्रिक बाइपास के पाँच साल बाद किशोरों का वज़न वयस्कों जितना घटा, और वयस्कों की तुलना में उनकी टाइप 2 डायबिटीज़ और हाई ब्लड प्रेशर के रिमिशन में जाने की संभावना ज़्यादा थी।

उन्हें पेट के और ऑपरेशनों की ज़रूरत भी ज़्यादा पड़ी और उनमें आयरन और विटामिन D की कमी ज़्यादा मिली, इसलिए क़रीबी फ़ॉलो-अप और परिवार का साथ ज़रूरी है। और पढ़ें: बच्चों और किशोरों में मोटापा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या बेरियाट्रिक सर्जरी आसान रास्ता है?

नहीं। सर्जरी एक बड़ा मेडिकल इलाज है, जिस पर तब विचार होता है जब दूसरा इलाज काफ़ी न रहा हो। इसमें सावधान तैयारी, खाने में स्थायी बदलाव और उम्र भर फ़ॉलो-अप चाहिए। यह आपके लिए ठीक है या नहीं, यह विशेषज्ञ टीम के साथ लिया गया निजी फ़ैसला है, और इसके लिए किसी को परखा नहीं जाना चाहिए।

कौन बेहतर है: स्लीव गैस्ट्रेक्टोमी या गैस्ट्रिक बाइपास?

इसका कोई एक जवाब नहीं है। गैस्ट्रिक बाइपास से अक्सर थोड़ा ज़्यादा वज़न घटता है और गंभीर एसिड रिफ़्लक्स वालों के लिए आम तौर पर इसे चुना जाता है, जबकि स्लीव तकनीकी रूप से सरल है और कुछ लंबी समस्याओं का जोखिम कम है। चुनाव आपकी सेहत पर निर्भर है और सर्जन के साथ होता है।

क्या सर्जरी से पहले मुझे वज़न घटाना होगा?

नियम देशों और अस्पतालों में अलग हैं। कई सर्जिकल टीमें ऑपरेशन से पहले के हफ़्तों में थोड़े समय की कम-ऊर्जा वाली डाइट कहती हैं, क्योंकि इससे लिवर सिकुड़ता है और सर्जरी ज़्यादा सुरक्षित होती है। अपनी टीम से पूछें कि आप पर क्या लागू होता है।

क्या बेरियाट्रिक सर्जरी के बाद मोटापे की दवा ली जा सकती है?

हाँ, कुछ स्थितियों में। अगर वज़न लौटे या सेहत की समस्याएँ वापस आएँ, तो डॉक्टर सर्जरी के बाद मोटापे की दवा जोड़ सकते हैं। यह आपकी विशेषज्ञ टीम तय करती है।

स्रोत

  1. Eisenberg et al. – 2022 ASMBS and IFSO indications for metabolic and bariatric surgery (summary, HCPLive)
  2. NIDDK – Types of weight-loss surgery (अंग्रेज़ी में)
  3. University of Gothenburg – Higher average life expectancy after obesity surgery (SOS study, NEJM 2020)
  4. NIH – Early weight-loss surgery may improve type 2 diabetes, blood pressure outcomes (Teen-LABS, 2019)
  5. King's College London – Gastrointestinal surgery as a cure for type 2 diabetes: 10-year trial results, The Lancet (2021)
  6. BMJ – Referral criteria and assessment for bariatric surgery: summary of updated NICE guidance (2023)

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