मुख्य बातें
- लो इम्पैक्ट कार्डियो का मतलब है दिल की धड़कन और साँस तेज़ करना, जबकि एक पैर ज़मीन पर या आप कुर्सी पर टिके रहें। न कूदना, न दौड़ना, न ज़मीन पर लेटना।
- यह भारी शरीर, दुखते घुटनों और लंबे समय बाद व्यायाम शुरू करने वालों के लिए ठीक बैठता है। पैदल चलने पर हुए एक अध्ययन में हर एक किलो वज़न घटने से हर कदम पर घुटने पर लगभग चार किलो कम ज़ोर पड़ा, इसलिए बिना उछाल वाली हरकतें सचमुच फ़र्क डालती हैं।
- आप बैठकर शुरुआत कर सकते हैं। कुर्सी वाले रूटीन और इस पेज के 4 हफ़्ते के प्लान के लिए बस एक मज़बूत कुर्सी, कुछ वर्ग मीटर खाली फ़र्श और एक टाइमर चाहिए।
- कार्डियो वज़न से ज़्यादा आपकी सेहत के लिए फ़ायदेमंद है। सिर्फ़ व्यायाम वाले कार्यक्रमों से औसतन लगभग 1.5 से 3.5 kg वज़न घटता है, पर इनसे अंगों के आसपास जमी नुकसानदेह चर्बी कम होती है और ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर, मूड और नींद बेहतर होते हैं, भले ही तराज़ू मुश्किल से हिले।
- चर्बी जलाने वाला कोई ख़ास वर्कआउट नहीं होता। मायने रखता है कि आप हफ़्ते-दर-हफ़्ते कुल कितनी हलचल बनाए रख पाते हैं, और साथ में अच्छा खाना।
- पहले अपने डॉक्टर से बात करें अगर आपको दिल या फेफड़ों की कोई समस्या है, इंसुलिन या उस जैसी दवाओं से इलाज वाली डायबिटीज़ है, बेकाबू ब्लड प्रेशर है या जोड़ों में नया दर्द है।

लो इम्पैक्ट कार्डियो क्या है?
लो इम्पैक्ट कार्डियो ऐसी कोई भी हरकत है जो दिल की धड़कन और साँस बढ़ाए, पर जिसमें कभी दोनों पैर एक साथ ज़मीन से न उठें। ज़मीन पर गिरने का झटका नहीं होता, इसलिए टखनों, घुटनों, कूल्हों और कमर पर धक्का बहुत कम रहता है।
कार्डियो, कार्डियोवैस्कुलर व्यायाम का छोटा नाम है: बड़ी मांसपेशियों की लयबद्ध हरकत, जिससे कई मिनट तक दिल ज़्यादा ज़ोर से पंप करता है और फेफड़े तेज़ी से काम करते हैं। दौड़ना और रस्सी कूदना हाई इम्पैक्ट रूप हैं। मार्च करना, अगल-बगल कदम रखना, साइकिल चलाना, तैरना और बैठकर हाथ-पैर चलाना लो इम्पैक्ट रूप हैं।
लो इम्पैक्ट का मतलब कम फ़ायदा नहीं है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के व्यायाम दिशानिर्देश मध्यम मेहनत को इस बात से नापते हैं कि वह आपको कितनी भारी लगती है, इससे नहीं कि आप कितनी तेज़ चलते हैं। जिसने सालों से व्यायाम नहीं किया, उसके लिए फुर्ती से बैठकर मार्च करना भी मध्यम मेहनत हो सकता है।
| विकल्प | कहाँ | सामान | घुटनों और कमर पर भार | जानने लायक |
|---|---|---|---|---|
| कुर्सी कार्डियो (बैठकर मार्च, पंच, टो टैप) | घर पर | बिना पहियों वाली मज़बूत कुर्सी | बहुत कम | सबसे आसान शुरुआत; बाँहें तेज़ चलाकर मेहनत बढ़ा सकते हैं |
| कुर्सी योग | घर पर या क्लास में | कुर्सी | बहुत कम | ज़्यादातर लचीलापन, साँस और हल्की ताक़त; कार्डियो ज़्यादा से ज़्यादा हल्का |
| सहारे के साथ खड़े होकर हरकतें (स्टेप-टच, साइड स्टेप) | घर पर | पकड़ने के लिए कुर्सी या रसोई का स्लैब | कम | बैठकर व्यायाम से खड़े होकर व्यायाम तक का पुल |
| घर के अंदर साइकिलिंग | घर या जिम | एक्सरसाइज़ बाइक, बेहतर हो तो पीठ टिकाने वाली रिकंबेंट बाइक | कम | ख़रीदने से पहले बाइक की अधिकतम वज़न सीमा देख लें |
| तैराकी और पानी में व्यायाम | स्विमिंग पूल | तैराकी के कपड़े | बहुत कम | पानी आपका काफ़ी वज़न उठा लेता है; कुछ लोगों को शुरू में चेंजिंग रूम में झिझक होती है |
| पैदल चलना | बाहर या घर के अंदर | आरामदेह जूते | कम से मध्यम | हमारे पैदल चलने वाले पेज पर विस्तार से |
भारी शरीर के लिए लो इम्पैक्ट कार्डियो क्यों सही है
लो इम्पैक्ट कार्डियो से आप दिल और फेफड़ों की ट्रेनिंग कर पाते हैं, बिना जोड़ों से बार-बार ज़मीन पर गिरने का झटका सहने को कहे। मोटापे के साथ जी रहे बहुत से लोगों के लिए यही फ़र्क है दर्द देने वाले व्यायाम और ऐसे व्यायाम में, जिसे आप कल फिर कर सकें।
जोड़ों पर सिर्फ़ शरीर के वज़न से ज़्यादा भार पड़ता है। घुटने के ऑस्टियोआर्थराइटिस वाले बुज़ुर्गों पर हुए एक अध्ययन में हर एक किलो वज़न घटने से हर कदम पर घुटने पर लगभग चार किलो कम ज़ोर पड़ा। कूदने से यह भार और कई गुना हो जाता है, इसीलिए बहुत से आम वर्कआउट बड़े शरीर में ग़लत महसूस होते हैं।
दुखते जोड़ों के लिए भी हलचल अच्छी है। 139 ट्रायल वाली हाल की एक Cochrane समीक्षा में पाया गया कि व्यायाम घुटने के ऑस्टियोआर्थराइटिस का दर्द कुछ कम कर सकता है और शायद रोज़मर्रा के काम आसान बनाता है, कम से कम थोड़े समय तक, हालाँकि फ़ायदा मामूली था। व्यायाम का प्रकार ज़्यादा मायने नहीं रखता लगा, इसलिए आप वही चुन सकते हैं जो आपको पसंद हो और जो आप कर पाएँ।
आत्मविश्वास का पहलू भी है। ज़्यादा वज़न वाले कई लोगों के जिम, फ़िटनेस क्लास या शरीर पर की गई टिप्पणियों से बुरे अनुभव रहे हैं। हमारा वज़न को लेकर कलंक वाला पेज बताता है कि यह क्यों मायने रखता है। घर पर, अपनी रफ़्तार से वर्कआउट करने से यह दबाव हट जाता है और फ़िटनेस बनती रहती है।
तराज़ू हिलने से पहले भी आपको क्या मिलता है
कुछ फ़ायदे कुछ ही दिनों में शुरू हो जाते हैं। अमेरिका के Physical Activity Guidelines बताते हैं कि गतिविधि का घबराहट, ब्लड प्रेशर, नींद की गुणवत्ता और इंसुलिन पर शरीर की प्रतिक्रिया पर तुरंत असर होता है।
महीनों में नियमित हलचल दिल की बीमारी, स्ट्रोक, टाइप 2 डायबिटीज़, डिप्रेशन और कई तरह के कैंसर का ख़तरा घटाती है, और ऑस्टियोआर्थराइटिस वाले लोगों का दर्द कम करने में मदद करती है। हमारा सेहत के ख़तरे वाला पेज बताता है कि ज़्यादा वज़न से कौन-सी बीमारियाँ जुड़ी हैं और वे कैसे सुधर सकती हैं।
क्या लो इम्पैक्ट कार्डियो वज़न घटाने में मदद करता है?
हाँ, पर तराज़ू पर असर मामूली होता है, और सच्ची उम्मीदें रखने से आप टिके रहते हैं। 12 सिस्टमैटिक समीक्षाओं और 149 अध्ययनों के एक सार में पाया गया कि अधिक वज़न या मोटापे वाले वयस्कों में सिर्फ़ व्यायाम कार्यक्रमों से औसतन लगभग 1.5 से 3.5 kg वज़न घटा।
उसी सार में एक हौसला बढ़ाने वाली बात भी मिली: व्यायाम से विसरल फ़ैट घटा, यानी पेट के अंदर अंगों के आसपास जमी चर्बी, जो डायबिटीज़ और दिल की बीमारी से सबसे ज़्यादा जुड़ी है। एक और बड़े मेटा-विश्लेषण में व्यायाम से यह गहरी चर्बी लगभग 6 प्रतिशत घटी, उन लोगों में भी जिनका वज़न नहीं बदला, जबकि वज़न घटाए बिना डाइटिंग से ऐसा नहीं हुआ।
यानी कार्डियो तराज़ू का अंक बदलने से पहले शरीर के अंदर बदलाव लाता है। वज़न पर सबसे बड़ा असर आपके खाने से आता है, और सबसे अच्छे नतीजे दोनों को मिलाकर मिलते हैं। हमारा जीवनशैली से इलाज वाला पेज बताता है कि खाना, हलचल, नींद और सहारा एक साथ कैसे काम करते हैं।
कुर्सी कार्डियो से कितनी कैलोरी जलती है?
बैठकर व्यायाम में पैदल चलने से प्रति मिनट कम कैलोरी जलती है, क्योंकि आपके पैर आपका वज़न नहीं उठा रहे होते। सही संख्या आपके शरीर, मेहनत और समय पर निर्भर करती है, और ऑनलाइन मिलने वाले आँकड़े अक्सर मोटे अंदाज़े होते हैं।
अपने शरीर के लिए अनुमान चाहिए तो हमारा जली कैलोरी कैलकुलेटर आज़माएँ। लेकिन कृपया व्यायाम की कैलोरी से खाना “कमाने” की आदत न डालें। यह आदत अक्सर उल्टा असर करती है और हलचल को अच्छा महसूस कराने वाली चीज़ की जगह सज़ा बना देती है।
अगर इनमें से कुछ आप पर लागू हो, तो पहले डॉक्टर से पूछें
घर पर हल्का कार्डियो ज़्यादातर लोगों के लिए सुरक्षित है, पर अगर आपको नीचे दी गई कोई स्थिति है तो शुरू करने से पहले डॉक्टर या नर्स से थोड़ी बात कर लेना समझदारी है। वे बता सकते हैं कि कितनी मेहनत करें और किन बातों पर ध्यान दें, ताकि प्लान आपकी सेहत के हिसाब से हो।
- दिल की बीमारी, हार्ट फ़ेल्योर, पेसमेकर या ICD, या मेहनत करने पर सीने में होने वाली बेचैनी
- इलाज के बावजूद लगातार ऊँचा रहने वाला ब्लड प्रेशर
- इंसुलिन या ऐसी गोलियों से इलाज वाली डायबिटीज़ जो ब्लड शुगर गिरा सकती हैं
- फेफड़ों की ऐसी बीमारी जिसमें आराम करते हुए या थोड़ी-सी मेहनत में साँस फूल जाए
- बीटा ब्लॉकर या दिल की धड़कन धीमी करने वाली दूसरी दवाएँ
- हाल में हुई सर्जरी, हाल में गिरना, या जोड़ों का ऐसा दर्द जो नया हो, तेज़ हो या बढ़ रहा हो
- गर्भावस्था, या पिछले कुछ महीनों में प्रसव
अगर आप इंसुलिन या ब्लड शुगर घटाने वाली कोई दवा लेते हैं, तो Diabetes UK व्यायाम से पहले और बाद में शुगर जाँचने की सलाह देता है। कुर्सी के पास तुरंत असर करने वाली शक्कर रखें, जैसे ग्लूकोज़ की गोलियाँ।
British Heart Foundation बताता है कि बीटा ब्लॉकर व्यायाम के दौरान दिल की धड़कन की प्रतिक्रिया बदल देते हैं और आपको ज़्यादा थकान महसूस करा सकते हैं। अगर यह आप पर लागू होता है, तो मेहनत को नब्ज़ से नहीं, बल्कि इससे आँकें कि कैसा महसूस हो रहा है और साँस कैसी चल रही है।
पता नहीं क्या पूछें? हमारी डॉक्टर विज़िट चेकलिस्ट तैयारी में मदद करती है। आपकी स्थिति जो भी हो, अगर ज़रा भी शक है तो नीचे दिया प्लान शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से बात करें।
घर पर कार्डियो वर्कआउट की तैयारी
फ़िटनेस के विज्ञापन जितना बताते हैं, आपको उससे कहीं कम चाहिए: एक सुरक्षित कुर्सी, थोड़ा खाली फ़र्श, सहारा देने वाले जूते, पानी और समय देखने का कोई तरीका। एक बार पाँच मिनट लगाकर यह तैयारी कर लें, फिर हर सेशन शुरू करना आसान हो जाता है।
सुरक्षित कुर्सी कैसे चुनें
- ठोस और स्थिर: चार पायों वाली मज़बूत डाइनिंग या रसोई की कुर्सी। पहियों वाली ऑफ़िस कुर्सी, फ़ोल्डिंग कुर्सी, स्टूल और हिलने या घूमने वाली हर चीज़ से बचें।
- पर्याप्त मज़बूत: अगर पक्का नहीं है कि कुर्सी आपके वज़न के लिए बनी है, तो निर्माता की वज़न सीमा देखें या हेवी-ड्यूटी या बैरिएट्रिक कुर्सी चुनें।
- सही ऊँचाई: पैर फ़र्श पर सपाट रखकर बैठने पर घुटने लगभग कूल्हों की सीध में होने चाहिए। सीट नीची हो तो सख़्त गद्दी मदद करती है।
- हत्थे ज़रूरी नहीं: ये बाँहों की कुछ हरकतों में अड़चन डालते हैं, पर खड़े होना आसान करते हैं। घुटने दुखते हों तो हत्थों वाली कुर्सी लेना ठीक रहेगा।
- दीवार से सटाकर: कुर्सी की पीठ दीवार से सटा दें या उसे फिसलन-रोधी चटाई पर रखें, ताकि वह आपके नीचे से खिसक न सके।
जगह, जूते और कपड़े
इतनी जगह खाली करें कि दोनों तरफ़ बाँहें फैलाने पर कुछ न छुए। फिसल सकने वाली दरियाँ हटा दें, और पालतू जानवरों और तारों को रास्ते से दूर रखें।
बैठकर की जाने वाली हरकतों में भी चप्पल या मोज़ों की जगह सहारा देने वाले जूते पहनें; आपके पैर उम्मीद से ज़्यादा फ़र्श पर दबेंगे। ढीले, आरामदेह कपड़े जो रगड़ न खाएँ, सबसे अच्छे हैं। पानी का गिलास या बोतल हाथ की पहुँच में रखें, और ज़रूरत पड़ने पर मदद के लिए फ़ोन पास रखें।
15 मिनट का कुर्सी कार्डियो रूटीन, कदम-दर-कदम
कुर्सी पर बैठकर किया जाने वाला यह व्यायाम रूटीन आपके दिल को काम पर लगाता है, जबकि आप लगभग पूरे सेशन में बैठे रहते हैं। इसमें 12 से 15 मिनट लगते हैं: तीन मिनट वॉर्म-अप, छह से नौ मिनट कार्डियो हरकतें और तीन मिनट कूल-डाउन।
हर हरकत के लिए सीट के अगले आधे हिस्से पर सीधे बैठें, पैर सपाट और कूल्हों जितनी दूरी पर। साँस एक जैसी लेते रहें और कभी साँस न रोकें। हर हरकत का एक आसान और एक कठिन रूप है, इसलिए यही रूटीन पहले हफ़्ते में भी चलता है और चौथे में भी।
| हिस्सा | हरकतें | समय | मेहनत (0 से 10) |
|---|---|---|---|
| वॉर्म-अप | कंधे घुमाना, हल्का बैठकर मार्च, टखने घुमाना | 3 मिनट | 2 से 3 |
| कार्डियो ब्लॉक | नीचे दी गई हरकतें 1 से 6, हर एक 45 सेकंड, बीच में 15 सेकंड आराम से मार्च: एक राउंड 6 मिनट का; 9 मिनट तक पहुँचने के लिए हरकतें 1 से 3 फिर से करें | 6 से 9 मिनट | 4 से 6 |
| कूल-डाउन | धीमा मार्च, बैठकर स्ट्रेचिंग, गहरी साँस | 3 मिनट | वापस 2 तक |
वॉर्म-अप (3 मिनट)
- कंधे घुमाना: कंधों को कानों की ओर उठाएँ, पीछे की ओर दबाएँ और ढीला छोड़ दें। ऐसा धीरे-धीरे दस बार करें, फिर दस बार आगे की ओर घुमाएँ।
- हल्का बैठकर मार्च: एक पैर फ़र्श से कुछ सेंटीमीटर उठाएँ, नीचे रखें, फिर दूसरा उठाएँ। बाँहों को बगल में ढीला झूलने दें। लगभग एक मिनट तक करते रहें।
- टखने घुमाना: एक पैर थोड़ा आगे फैलाएँ, एड़ी फ़र्श पर रहे, और पंजे से दस धीमे गोले बनाएँ, फिर पैर बदलें।
कार्डियो ब्लॉक (6 से 9 मिनट)
- बाँहें झुलाते हुए बैठकर मार्च। एक-एक करके घुटने उठाएँ, जैसे अपनी जगह पर मार्च कर रहे हों, और कोहनी मोड़कर लय में बाँहें झुलाएँ। आसान: छोटे-छोटे उठाव, बाँहें जाँघों पर टिकी हुई। कठिन: घुटने ज़्यादा ऊँचे उठाएँ और बाँहें तेज़ चलाएँ।
- हील डिग। एक पैर आगे सीधा करें और एड़ी फ़र्श पर टिकाएँ, फिर वापस लाएँ और दूसरे पैर से यही करें। हर बार एड़ी टिकते समय दोनों बाँहें आगे धकेलें। आसान: बाँहें स्थिर रखें। कठिन: रफ़्तार बढ़ाएँ और बाँहें ऊपर तक ले जाएँ।
- बैठकर पंच। कोहनियाँ कमर के पास, मुट्ठियाँ ढीली रखें, फिर एक बाँह से शरीर के आर-पार आगे पंच मारें, वापस खींचें और दूसरी से पंच मारें। पैर अपनी जगह पर थपथपाते रहें। आसान: सीने की ऊँचाई पर धीमे पंच। कठिन: छत की ओर ऊपर पंच मारें।
- साइड टो टैप। दायाँ पैर बगल में थपथपाकर वापस लाएँ, फिर बायाँ, और साथ में बाँहें कंधे की ऊँचाई तक खोलें और वापस लाएँ। आसान: बाँहें जाँघों पर। कठिन: दोनों पैर एक साथ बाहर थपथपाएँ, जैसे बिना कूदे बैठकर जंपिंग जैक।
- मोड़ के साथ घुटना उठाना। उँगलियों के सिरे हल्के से कानों के पीछे रखें या बाँहें सीने पर क्रॉस करें। दायाँ घुटना उठाएँ और ऊपरी शरीर को धीरे से उसकी ओर मोड़ें, फिर बाईं ओर दोहराएँ। आसान: घुटने कम उठाएँ और कम मुड़ें। कठिन: थोड़ा तेज़, एक जैसी लय में। अगर कमर में तकलीफ़ हो तो मोड़ना छोड़ दें।
- बैठना-खड़ा होना। खिसककर सीट के आगे आएँ, पैर घुटनों से थोड़ा पीछे। आगे झुकें, एड़ियों से ज़ोर लगाकर खड़े हों, फिर नियंत्रण के साथ धीरे से वापस बैठें। आसान: हाथ हत्थों या जाँघों पर रखें, या सीट से बस थोड़ा-सा उठें। कठिन: हाथों का इस्तेमाल किए बिना, एक जैसी रफ़्तार से खड़े हों।
जब भी ज़रूरत हो, आराम करें। कुछ साँसों के लिए रुकना और फिर जारी रखना हार नहीं है; फ़िटनेस ऐसे ही बनती है।
कूल-डाउन (3 मिनट)
- धीमा मार्च: एक मिनट तक हल्का मार्च करें और साँस को शांत होने दें।
- जाँघ का पिछला हिस्सा: एक पैर आगे सीधा करें, एड़ी फ़र्श पर और पंजा ऊपर। पीठ सीधी रखकर कूल्हों से थोड़ा आगे झुकें जब तक हल्का खिंचाव न लगे। हर पैर के लिए 15 से 20 सेकंड रुकें।
- सीना और कंधे: पीछे से सीट के किनारे पकड़ें, कंधे की हड्डियों को धीरे से पास लाएँ और सीना ऊपर उठाएँ। 15 सेकंड रुकें।
- साँस: हाथ पेट पर रखें, नाक से चार गिनती तक साँस लें और मुँह से छह गिनती तक छोड़ें। पाँच बार दोहराएँ।
वज़न घटाने के लिए कुर्सी योग: यह क्या कर सकता है और क्या नहीं
कुर्सी योग हल्का और उपयोगी है, पर अकेले इससे ज़्यादा वज़न घटने की संभावना कम है। इसकी ताक़त दूसरी जगह है: लचीलापन, पैरों और धड़ की ताक़त, साँस, आराम और कम दर्द।
योग के 30 ट्रायल की एक सिस्टमैटिक समीक्षा में कुल मिलाकर वज़न, शरीर की चर्बी या कमर के नाप पर कोई साफ़ असर नहीं मिला। अधिक वज़न या मोटापे वाले लोगों में कुछ छोटे ट्रायल में BMI कम ज़रूर दिखा, पर नतीजा पक्का नहीं था और लेखकों ने इसे शुरुआती बताया।
कुर्सी योग और जोड़ों के दर्द पर सबूत ज़्यादा उत्साहजनक हैं। घुटने या कूल्हे के ऑस्टियोआर्थराइटिस वाले ऐसे बुज़ुर्गों के एक ट्रायल में, जो खड़े होकर व्यायाम नहीं कर सकते थे, आठ हफ़्ते तक हफ़्ते में दो बार कुर्सी योग से कार्यक्रम के दौरान दर्द और थकान घटी और चलने की रफ़्तार बढ़ी, हालाँकि क्लास बंद होने के बाद ज़्यादातर फ़ायदे कम हो गए।
इसलिए कुर्सी योग, कुर्सी कार्डियो का अच्छा साथी है: दिल और फेफड़ों के लिए कार्डियो रूटीन, और लचक व सुकून के लिए कुर्सी योग। तनाव और ख़राब नींद भूख और वज़न पर असर डालते हैं, जैसा हमारा नींद, तनाव और मानसिक सेहत वाला पेज बताता है, इसलिए आराम वाला हिस्सा भी गिना जाता है।
एक छोटा कुर्सी योग क्रम (लगभग 8 मिनट)
धीरे-धीरे हिलें और हो सके तो नाक से शांत साँस लें। बस हल्के खिंचाव तक स्ट्रेच करें, दर्द तक कभी नहीं। हर मुद्रा में तीन से पाँच साँसों तक रुकें।
- बैठकर ताड़ासन। पैर सपाट और हाथ जाँघों पर रखकर सीधे बैठें। कल्पना करें कि एक धागा आपके सिर को ऊपर खींच रहा है। कंधे ढीले रखें और धीरे साँस लें।
- बैठकर मार्जरी-बिटिलासन (कैट-काउ)। हाथ घुटनों पर रखकर साँस लें, सीना ऊपर उठाएँ और पीठ के ऊपरी हिस्से को धीरे से पीछे की ओर मोड़ें। साँस छोड़ें, पीठ गोल करें और ठुड्डी सीने की ओर लाएँ। साँस के साथ पाँच बार दोहराएँ।
- बगल में खिंचाव। साँस लेते हुए दायाँ हाथ सिर के ऊपर या जितना आराम से हो उतना ऊपर उठाएँ। साँस छोड़ते हुए धीरे से बाईं ओर झुकें, दोनों कूल्हे सीट पर रहें। वापस आएँ और तरफ़ बदलें।
- हल्का बैठकर मोड़। सीधे बैठें, बायाँ हाथ दाएँ घुटने पर और दायाँ हाथ पीछे सीट पर रखें। साँस लेते हुए लंबे हों, साँस छोड़ते हुए धीरे से दाईं ओर मुड़ें। बीच में लौटें और बाईं ओर दोहराएँ। कमर की तकलीफ़ हो तो मोड़ छोटा रखें।
- बैठकर वीरभद्रासन वाली बाँहें। कुर्सी के एक किनारे की ओर थोड़ा मुड़ें, ताकि एक जाँघ सीट पर रहे और दूसरा पैर पीछे फैला हो, पंजे फ़र्श पर। बाँहें कंधे की ऊँचाई तक उठाएँ। रुकें, फिर तरफ़ बदलें। अस्थिर लगे तो दोनों पैर सामने रखें और सिर्फ़ बाँहें करें।
- विश्राम। आँखें बंद करें या नज़र नीचे रखें, हाथ गोद में रखें और दस धीमी साँसें लें।
अगर आपको हाई ब्लड प्रेशर या ग्लूकोमा है, तो सिर को दिल से नीचे न लटकने दें। चक्कर आए तो सीधे बैठ जाएँ और सामान्य साँस लें जब तक वह ठीक न हो जाए।
अगले कदम के लिए खड़े होकर लो इम्पैक्ट कार्डियो
जब कुर्सी वाला रूटीन संभलने लगे, तो आप कुछ बैठी हुई हरकतों की जगह खड़ी हरकतें करना शुरू कर सकते हैं, संतुलन के लिए कुर्सी की पीठ या रसोई का स्लैब पकड़कर। खड़े होकर की जाने वाली हरकतें ज़्यादा मांसपेशियाँ लगाती हैं और धड़कन ज़्यादा बढ़ाती हैं, क्योंकि अब आपके पैर आपका वज़न उठाते हैं।
- सहारे के साथ मार्च: कुर्सी की बगल में खड़े हों, एक हाथ उसकी पीठ पर, और अपनी जगह पर मार्च करें, घुटने बस उतने उठाएँ जितना आराम से हो।
- स्टेप-टच: दायाँ पैर बगल में रखें, बायाँ पैर उसके पास लाएँ, फिर बाईं ओर वापस कदम रखें। स्थिर महसूस हो तो बाँहें भी झुलाएँ।
- पीछे एड़ी थपथपाना: कुर्सी पकड़कर एक घुटना मोड़ें और एड़ी को पीछे की ओर नितंब की तरफ़ लाएँ, फिर दूसरा। घुटने अकड़े हों तो हरकत छोटी रखें।
- आगे पंजा थपथपाना: एक पैर का पंजा आगे फ़र्श पर या किसी नीची, स्थिर सीढ़ी पर थपथपाएँ, फिर पैर बदलें।
- बॉक्स स्टेप: दाएँ पैर से आगे कदम रखें, फिर बाएँ से, दाएँ से पीछे, फिर बाएँ से, जैसे फ़र्श पर छोटा चौकोर बना रहे हों।
- सिर्फ़ बाँहों वाले अंतराल: जब पैर थक जाएँ, एक हाथ से कुर्सी पकड़कर स्थिर खड़े रहें और दूसरे हाथ से तेज़ पंच मारें, फिर हाथ बदलें।
बैठकर आराम का विकल्प हमेशा पास रखें। 30 सेकंड बैठकर फिर खड़े होना प्लान का हिस्सा है, यह संकेत नहीं कि यह आपके लिए बहुत भारी है।
शुरुआती लोगों के लिए घर पर 4 हफ़्ते का कार्डियो प्लान
यह प्लान आपको चार हफ़्तों में छोटे बैठे हुए सेशन से लगभग 20 मिनट के ज़्यादातर खड़े होकर किए जाने वाले कार्डियो तक ले जाता है। शुरू करने से पहले, अगर ऊपर सुरक्षा वाले हिस्से की कोई स्थिति आप पर लागू होती है, तो अपने डॉक्टर से बात करें। यह प्लान सामान्य मार्गदर्शन है, कोई निजी मेडिकल कार्यक्रम नहीं।
हफ़्ते में पाँच दिन का लक्ष्य रखें और दो दिन हल्के रखें, जिनमें आराम, थोड़ी सैर या कुर्सी योग क्रम हो सकता है। रोज़ के मिनट एक दायरा हैं: कम संख्या से शुरू करें और तभी बढ़ें जब आसानी से हो सके।
| हफ़्ता | स्थिति | रोज़ के मिनट | हफ़्ते में दिन | क्या करें | मेहनत (0 से 10) |
|---|---|---|---|---|---|
| हफ़्ता 1 | पूरी तरह बैठकर | 5 से 10 | 5 | वॉर्म-अप, कुर्सी रूटीन की हरकतें 1 से 3, कूल-डाउन। जितनी बार चाहें आराम करें। | 3 से 4 |
| हफ़्ता 2 | पूरी तरह बैठकर | 10 से 15 | 5 | पूरा कुर्सी रूटीन: सभी छह हरकतों का एक राउंड, फिर तैयार महसूस करें तो हरकतें 1 से 3 दोबारा। | 4 से 5 |
| हफ़्ता 3 | बैठकर और सहारे के साथ खड़े होकर | 15 से 20 | 5 | कुर्सी रूटीन, फिर 3 से 5 मिनट सहारे के साथ मार्च और स्टेप-टच, बीच में बैठकर ब्रेक। | 5 |
| हफ़्ता 4 | ज़्यादातर खड़े होकर, सहारे और आराम के लिए कुर्सी | 20 से 25 | 5 | बैठकर वॉर्म-अप, फिर 2-2 मिनट के ब्लॉक में खड़ी हरकतें और बीच में 30 सेकंड बैठकर आराम; अंत में बैठकर कूल-डाउन। | 5 से 6 |
चौथे हफ़्ते के अंत तक 20 मिनट के पाँच सेशन मिलकर हफ़्ते में 100 मिनट बनते हैं। यह WHO के हफ़्ते में कम से कम 150 मिनट मध्यम गतिविधि का दो-तिहाई है, और वह भी एक महीने में बैठकर शुरुआत करके।
तीन नियम जो प्लान को कामयाब बनाते हैं
- जब भी ज़रूरत हो, हफ़्ता दोहराएँ। अगर कोई हफ़्ता भारी लगा, या अगले दिन जोड़ दुखे, तो उसे फिर से करें। बहुत से लोग यह प्लान छह या आठ हफ़्तों में पूरा करते हैं, और यह बिल्कुल ठीक है।
- छोटे-छोटे हिस्से भी गिने जाते हैं। अगर एक बार में दस मिनट ज़्यादा हैं, तो उन्हें दिन भर में दो या तीन छोटे सेशन में बाँट लें। अमेरिकी दिशानिर्देश अब यह शर्त नहीं रखते कि गतिविधि कम से कम दस मिनट के टुकड़ों में हो।
- एक बार में एक ही चीज़ बढ़ाएँ। सेशन लंबा करें या कठिन, पर एक ही हफ़्ते में दोनों नहीं।
चौथे हफ़्ते के बाद
यहाँ से आपके पास तीन अच्छे रास्ते हैं, और आप इन्हें मिला भी सकते हैं। आप घर पर कार्डियो को 30 मिनट की ओर बढ़ाते रह सकते हैं, हमारे कदम-दर-कदम वॉकिंग प्लान से नियमित सैर जोड़ सकते हैं, या हमारे मुफ़्त Start, Build और Strong वर्कआउट कार्यक्रम के गाइडेड वीडियो पर जा सकते हैं।
अगर आप जिम आज़माना चाहें, तो हमारा वजन घटाने के लिए जिम वर्कआउट पेज बताता है कि शुरुआती व्यक्ति के लिए कौन-सी मशीनें ठीक हैं।
WHO हफ़्ते में कम से कम दो दिन मांसपेशियाँ मज़बूत करने वाली गतिविधियों की भी सलाह देता है, और बुज़ुर्गों के लिए संतुलन की ट्रेनिंग भी। बैठना-खड़ा होना पहले से पैरों की ताक़त बनाता है; वर्कआउट कार्यक्रम इसमें और जोड़ता है।
शुरुआती लोगों को कार्डियो कितना भारी लगना चाहिए?
शुरुआती कार्डियो एक जैसी मेहनत जैसा लगना चाहिए, जद्दोजहद जैसा नहीं: साँस तेज़ होती है और गर्मी लगती है, पर आप छोटे वाक्यों में बात कर पाते हैं। 0 (स्थिर बैठे रहना) से 10 (आपकी पूरी ताक़त) के पैमाने पर WHO मध्यम मेहनत को लगभग 5 या 6 बताता है।
बात करने वाला टेस्ट सबसे आसान जाँच है, और शोध बताता है कि यह स्वस्थ वयस्कों और दिल की बीमारी वाले लोगों, दोनों में अच्छा काम करता है। अगर आप गा सकते हैं, तो थोड़ा और ज़ोर लगा सकते हैं। अगर एक बार में बस एक-दो शब्द ही निकलें, तो धीमे हो जाएँ।
अगर आपको संख्याएँ पसंद हैं, तो हार्ट रेट मॉनिटर या स्मार्टवॉच मदद कर सकती है। हमारा हार्ट रेट ज़ोन कैलकुलेटर आपकी उम्र के लिए लक्ष्य दायरे दिखाता है, और हमारे दूसरे मुफ़्त सेहत कैलकुलेटर प्रगति पर नज़र रखने में मदद कर सकते हैं। संख्याएँ बस एक इशारा हैं; आप कैसा महसूस करते हैं, वह हमेशा पहले आता है।
क्या शुरुआती लोगों के लिए कोई फ़ैट बर्निंग वर्कआउट है?
कोई एक वर्कआउट दूसरों से तेज़ी से चर्बी नहीं पिघलाता। मायने रखता है कि आप हफ़्तों और महीनों में कितना हिलते-डुलते हैं, क्या आप इसे जारी रख पाते हैं, और साथ में आप क्या खाते हैं।
शोध इसका समर्थन करता है। अधिक वज़न या मोटापे वाले वयस्कों में व्यायाम अध्ययनों के उसी बड़े सार में, एक जैसी रफ़्तार वाली एरोबिक ट्रेनिंग और हाई-इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग से वज़न, चर्बी और विसरल फ़ैट में मिलती-जुलती कमी आई, जब दोनों में बराबर ऊर्जा ख़र्च हुई। एक अलग मेटा-विश्लेषण भी इसी नतीजे पर पहुँचा और बताया कि इंटरवल में बस कम समय लगता है।
भारी शरीर वाले शुरुआती लोगों के लिए एक जैसी, मध्यम रफ़्तार वाला रास्ता आमतौर पर ज़्यादा सुरक्षित और सुखद होता है। इंटरवल बाद में आ सकते हैं, और ख़ास “फ़ैट बर्निंग ज़ोन” का विचार हमारे हार्ट रेट ज़ोन वाले पेज पर समझाया गया है।
क्या कुछ ख़ास हरकतों से पेट की चर्बी निशाना बनाई जा सकती है?
सीधे तौर पर नहीं। मोड़ और क्रंच नीचे की मांसपेशियों को मज़बूत करते हैं, पर ख़ासतौर पर उन्हीं मांसपेशियों के ऊपर की चर्बी नहीं जलाते। आपका शरीर तय करता है कि पहले कहाँ से चर्बी घटे।
अच्छी ख़बर यह है कि किसी भी तरह का नियमित कार्डियो विसरल फ़ैट घटाता है, पेट की वह गहरी चर्बी जो सेहत के लिए सबसे ज़्यादा मायने रखती है। ताक़त वाले व्यायाम एक और फ़ायदा जोड़ते हैं: अध्ययनों के उस सार में, वज़न घटाने के दौरान रेज़िस्टेंस ट्रेनिंग से लोगों की लगभग 0.8 kg ज़्यादा लीन मास बची रही।
दुखते घुटनों, कमर दर्द और साँस फूलने में कार्डियो को कैसे बदलें
लगभग हर हरकत को इस तरह बदला जा सकता है कि वह दर्द या साँस की तकलीफ़ के हिसाब से चले। नीचे की तालिका आम बदलाव बताती है; ज़्यादा मदद चाहिए तो फ़िज़ियोथेरेपिस्ट से मिलें।
| अगर आपको है… | यह आज़माएँ | अभी इससे बचें |
|---|---|---|
| दुखते या अकड़े घुटने | ज़्यादा देर बैठकर करें; घुटने कम उठाएँ; बैठना-खड़ा होना के लिए हत्थे और ऊँची सीट इस्तेमाल करें; वॉर्म-अप लंबा रखें | गहरे घुटने मोड़ना, ज़मीन पर टिके पैर पर घूमना, ऊँची सीढ़ियों पर चढ़ना |
| कमर के निचले हिस्से में दर्द | कमर के पीछे छोटी गद्दी रखकर सीधे बैठें; मोड़ छोटे रखें या छोड़ दें; मार्च और बाँहों की हरकतों पर ध्यान दें | तेज़ी से मुड़ना, बहुत आगे झुकना, झुककर बैठना |
| कंधे में दर्द | बाँहों की हरकतें कंधे की ऊँचाई से नीचे रखें; ऊपर की जगह आगे की ओर धीमे पंच मारें | सिर के ऊपर बाँहें, तेज़ या झटकेदार झुलाना |
| जल्दी साँस फूलना | सिर्फ़ पैर या सिर्फ़ बाँहें चलाएँ, दोनों एक साथ नहीं; छोटे ब्लॉक और लंबा आराम | सीधे खड़ी हरकतों पर जाना |
| कमज़ोर संतुलन या हाल में गिरना | बैठे रहें, या दोनों हाथ स्लैब पर रखकर खड़े हों; सेशन के दौरान घर पर कोई मौजूद हो | बिना सहारे के खड़ी हरकतें, बॉक्स स्टेप |
| सूजे टखने या भारी पैर | खून का दौरा बढ़ाने के लिए टखने घुमाना और बैठकर एड़ी-पंजा झुलाना; सेशन के बाद पैर ऊपर रखें | लंबे समय तक एक जगह खड़े रहना |
Arthritis UK धीरे शुरू करने और कितनी बार, कितनी देर और कितनी ज़ोर से करते हैं, इसे धीरे-धीरे बढ़ाने की सलाह देता है, क्योंकि बहुत तेज़ शुरुआत से गतिविधि दर्दनाक हो सकती है और मन उचाट हो सकता है। मांसपेशियों में हल्का दर्द जो एक दिन में चला जाए, सामान्य है। जोड़ों का ऐसा दर्द जो ज़्यादा तीखा हो, अगले दिन तक रहे या आपको लंगड़ा दे, संकेत है कि अगला सेशन हल्का रखें।
व्यायाम कब रोकें और मदद लें
अगर शरीर कोई चेतावनी दे, तो तुरंत रुकें और बैठ जाएँ। इनमें से ज़्यादातर एहसास आराम से चले जाते हैं, पर कुछ में डॉक्टरी मदद चाहिए, इसलिए पहले सेशन से पहले इन्हें जान लेना अच्छा है।
- सीने में बेचैनी, जैसे भारीपन, जकड़न या जलन, या ऐसा ही एहसास जो बाँह, पीठ, गर्दन या जबड़े तक फैले
- दिल की धड़कन जो अचानक अनियमित, फड़फड़ाती हुई या मेहनत के हिसाब से कहीं ज़्यादा तेज़ लगे
- बेहोशी जैसा लगना, सिर हल्का लगना, उलझन या जी मिचलाना
- साँस फूलना जो आम से कहीं ज़्यादा हो और कुछ मिनट आराम के बाद भी कम न हो
- किसी जोड़ या मांसपेशी में अचानक तेज़ दर्द, या कोई जोड़ जो जवाब दे दे
- अगर आप ब्लड शुगर घटाने वाली दवाएँ लेते हैं तो काँपना, पसीना, अचानक भूख या उलझन: रुकें, शुगर जाँचें और अपनी डायबिटीज़ टीम की सलाह के मुताबिक़ इलाज करें
अगर सीने का दर्द या दबाव कुछ मिनट आराम के बाद भी न जाए, तो अपने इलाक़े का इमरजेंसी नंबर मिलाएँ। ख़ुद गाड़ी चलाकर अस्पताल न जाएँ।
अगर तबीयत ठीक न हो, बुख़ार हो या किसी जोड़ में नई सूजन, लाली या गर्मी हो, तो भी सेशन छोड़ दें। व्यायाम इंतज़ार कर सकता है; पहले तकलीफ़ की जाँच कराएँ।
सेशन के बीच: लंबे समय तक बैठे रहने को तोड़ना
दिन में हलचल के छोटे ब्रेक भी शरीर की मदद करते हैं, आपके वर्कआउट से अलग। WHO अब सलाह देता है कि वयस्क बैठने का समय सीमित करें और उसके कुछ हिस्से की जगह किसी भी स्तर की गतिविधि करें।
अधिक वज़न या मोटापे वाले वयस्कों पर एक छोटे प्रयोग में, हर 20 मिनट पर उठकर दो मिनट हल्का चलने से खाने के बाद ब्लड शुगर और इंसुलिन कम रहे, घंटों लगातार बैठे रहने की तुलना में। घर पर भी यही तरीका अपना सकते हैं: टीवी पर विज्ञापन आने पर एक-दो मिनट बैठकर मार्च, या हर फ़ोन कॉल के बाद खड़े होकर अपनी जगह पर कदम चलाना।
तराज़ू के अलावा प्रगति कैसे नापें
पहले हफ़्तों में प्रगति के सबसे अच्छे पैमाने हैं कि आपका शरीर क्या कर पाता है और आप कैसा महसूस करते हैं। सिर्फ़ व्यायाम से तराज़ू का वज़न धीरे बदलता है, इसलिए सिर्फ़ किलो देखकर आँकने से अच्छी प्रगति भी नाकामी लग सकती है।
- मिनट: हर दिन अपने मिनट लिखें। 5 से 20 तक पहुँचना फ़िटनेस में बड़ा बदलाव है।
- बैठना-खड़ा होना: हफ़्ते में एक बार गिनें कि 30 सेकंड में कितनी बार कर पाते हैं। ज़्यादा बार, या उतनी ही बार पर हाथों का कम सहारा, मतलब पैर मज़बूत हो रहे हैं।
- साँस: ध्यान दें कि क्या वही रूटीन दो हफ़्ते पहले के मुक़ाबले कम साँस फुलाता है।
- रोज़मर्रा की ज़िंदगी: सीढ़ियाँ, ख़रीदारी, गाड़ी से उतरना, बच्चों या नाती-पोतों के साथ खेलना। ये किसी भी संख्या जितने ही अहम हैं।
- मूड और नींद: बहुत से लोग किसी और बदलाव से पहले बेहतर नींद और शांत मन महसूस करते हैं।
किसी एक महीने से ज़्यादा ज़रूरी है लंबे समय तक आदत बनाए रखना। हमारा वज़न अक्सर वापस क्यों आता है वाला पेज बताता है कि लगातार सक्रिय रहना वज़न स्थिर रखने का हिस्सा क्यों है।
Obesity Foundation घर पर आपके कार्डियो में कैसे साथ देता है
Obesity Foundation एक गैर-लाभकारी संस्था है, और हम जो कुछ भी देते हैं, सब मुफ़्त है। हमारा ध्यान अच्छे खाने, सही व्यायाम और पैदल चलने पर है, उस स्तर पर जिसके लिए आपका शरीर आज तैयार है।
- साथ-साथ करने वाले Start वीडियो। बैठकर और सहारे के साथ किए जाने वाले वर्कआउट, जिनमें ट्रेनर हर हरकत का आसान और कठिन रूप दिखाते हैं। मुफ़्त वर्कआउट वीडियो पाएँ।
- आपकी गतिविधि के हिसाब से खाना। हलचल सबसे अच्छा काम करती है रोज़ के ऐसे खाने के साथ जो पेट भरे, बिना क्रैश डाइट के। अपना मुफ़्त ईटिंग प्लान माँगें।
- आपका अपना Club अकाउंट। अपने मिनट, बैठना-खड़ा होना और सैर दर्ज करें, और हफ़्तों में अपनी प्रगति निजी तौर पर देखें। अपना मुफ़्त Obesity Foundation Club अकाउंट खोलें।
- बात करने के लिए कोई। पता नहीं कहाँ से शुरू करें, या दर्द या किसी बीमारी की चिंता है? हमारी टीम के साथ मुफ़्त वीडियो मीटिंग (अंग्रेज़ी में) बुक करें।
आपका पहला सेशन आज ही हो सकता है: एक मज़बूत कुर्सी, पाँच मिनट और बैठकर मार्च। यह एक असली वर्कआउट है, और शुरुआत के लिए इतना काफ़ी है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या सिर्फ़ कुर्सी वाले व्यायाम से वज़न घट सकता है?
सिर्फ़ कुर्सी वाले व्यायाम से वज़न थोड़ा ही घटता है, क्योंकि बैठकर हलचल में खड़े होकर की गई गतिविधि से कम कैलोरी लगती है। फिर भी इससे फ़िटनेस, ताक़त, ब्लड शुगर और मूड बेहतर होते हैं, और नियमित व्यायाम अंगों के आसपास की चर्बी घटाता है, भले ही वज़न वही रहे। वज़न घटाने के लिए इसे अच्छे खाने के साथ जोड़ें और जब हो सके, पैदल चलें।
शुरुआत करने वाले को कितने मिनट कार्डियो करना चाहिए?
अगर आपने लंबे समय से व्यायाम नहीं किया है, तो रोज़ 5 से 10 मिनट अच्छी शुरुआत है, और इससे छोटे टुकड़े भी गिने जाते हैं। जब संभल जाए, हर हफ़्ते कुछ मिनट जोड़ें। WHO का लंबे समय का लक्ष्य हफ़्ते में 150 से 300 मिनट मध्यम गतिविधि है, पर वहाँ पहुँचने की कोई समय सीमा नहीं है।
क्या लो इम्पैक्ट कार्डियो हाई इम्पैक्ट कार्डियो जितना अच्छा है?
सेहत के लिए हाँ, बशर्ते उससे साँस तेज़ हो और आप पर्याप्त मात्रा में करें। मेहनत इस बात से आँकी जाती है कि वह आपको कितनी भारी लगती है, इससे नहीं कि आप कूदते हैं या नहीं। लो इम्पैक्ट विकल्पों में दर्द और चोट भी कम होती है, जिससे महीनों तक टिके रहना आसान होता है।
ख़राब घुटनों के लिए सबसे अच्छा कार्डियो कौन-सा है?
बैठकर कुर्सी कार्डियो, पीठ टिकाने वाली रिकंबेंट बाइक पर साइकिलिंग और पानी में व्यायाम दुखते घुटनों पर सबसे कम भार डालते हैं। छोटे कदमों वाली, सहारे के साथ खड़ी हरकतें अगली सीढ़ी हैं। वही चुनें जिससे अगले दिन दर्द न बढ़े, और घुटने का दर्द तेज़ या नया हो तो फ़िज़ियोथेरेपिस्ट से सलाह लें।
कुर्सी वाले व्यायाम के लिए कौन-सी कुर्सी सबसे सुरक्षित है?
चार पायों वाली, बिना पहियों की मज़बूत कुर्सी लें जो न हिले, न मुड़े, न घूमे, और आपके वज़न के लिए पर्याप्त मज़बूत हो। उसे दीवार से सटाकर या फिसलन-रोधी चटाई पर रखें। घुटने दुखते हों तो हत्थे खड़े होना आसान करते हैं, जबकि बिना हत्थों वाली कुर्सी में बाँहों की हरकतों के लिए ज़्यादा जगह मिलती है।
क्या घर पर लगातार कई दिन कार्डियो करना ठीक है?
हाँ। हल्का लो इम्पैक्ट कार्डियो हफ़्ते के ज़्यादातर दिन किया जा सकता है, और इस पेज का प्लान हफ़्ते में पाँच दिन का है। दो दिन आराम, कुर्सी योग या छोटी सैर के लिए हल्के रखें, और अगर जोड़ या मांसपेशियाँ अब भी दुख रही हों तो एक दिन और आराम करें।
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