मुख्य बातें
- टाइप 1 डायबिटीज में ज़्यादा वजन अब आम है। कनाडा की एक रजिस्ट्री के 1,091 वयस्कों में लगभग हर तीन में से एक का वजन ज़्यादा था और हर पाँच में से एक को मोटापा था।
- इंसुलिन और हाइपो वजन घटाना मुश्किल बनाते हैं, नामुमकिन नहीं। इंजेक्शन से ली गई इंसुलिन, खाने से मेल न खाती डोज़ और लो शुगर से बचने के लिए खाना, ये सब सालों में वजन बढ़ा सकते हैं।
- कैलोरी में थोड़ी कमी काम करती है। एक छोटे ट्रायल में टाइप 1 डायबिटीज वाले युवा वयस्कों ने कई तरह की डाइट पर तीन महीने में लगभग 2.7 kg घटाया, और हाइपो नहीं बढ़े।
- हाइपो का इलाज नपी हुई मात्रा से करें। तेज़ शुगर की तय मात्रा, फिर दोबारा जाँच और फिर बस: इससे आप सुरक्षित रहते हैं और कैलोरी भी बचती है।
- पैदल चलना मदद करता है, प्लान के साथ। ग्लूकोज़ जाँचें, तेज़ शुगर साथ रखें और खाने के बाद छोटी सैर से शुरू करें।
- इंसुलिन का फ़ैसला आपकी डायबिटीज टीम करती है। पहले अपने डॉक्टर से बात करें, और खाने या गतिविधि में हर बदलाव अपनी टीम के साथ तय करें।
टाइप 1 डायबिटीज में वजन घटाना: छोटा जवाब
हाँ, टाइप 1 डायबिटीज में भी वजन घटाया जा सकता है। अच्छे खाने से कैलोरी में थोड़ी कमी और नियमित पैदल चलना सबसे सुरक्षित आधार है, और एक छोटे ट्रायल ने दिखाया कि यह हाइपो बढ़ाए बिना काम कर सकता है।
टाइप 1 में फ़र्क यह है कि आप जो खाते हैं या जितना चलते-फिरते हैं, उसमें हर बदलाव से आपके शरीर की इंसुलिन की ज़रूरत भी बदलती है। इसीलिए इस पेज का हर कदम अपनी डायबिटीज टीम के साथ तय करने के लिए है, कभी अकेले नहीं।
टाइप 1 डायबिटीज में वजन बढ़ना दुर्लभ नहीं है और इसमें आपकी कोई गलती नहीं है। कनाडा की BETTER रजिस्ट्री के एक क्रॉस-सेक्शनल अध्ययन में, टाइप 1 वाले 1,091 वयस्कों में से 34.6 % का वजन ज़्यादा था और 19.8 % को मोटापा था। दोनों मिलाकर हिस्सा लेने वालों में आधे से ज़्यादा।
उसी रजिस्ट्री में ज़्यादा वजन या मोटापे वाले लोग रोज़ ज़्यादा इंसुलिन लेते थे, उनका औसत HbA1c ज़्यादा था, डायबिटीज की जटिलताएँ ज़्यादा थीं और दिल की सेहत की तस्वीर कमज़ोर थी। ऐसा एक बार का अध्ययन संबंध दिखाता है, कारण नहीं, पर इससे समझ आता है कि डायबिटीज विशेषज्ञ अब टाइप 1 में वजन को गंभीरता से क्यों लेते हैं।
खाने या चलने-फिरने का तरीका बदलने से पहले अपने डॉक्टर से बात करें। यह पेज अपनी अगली अपॉइंटमेंट पर ले जाएँ और अपनी टीम से पूछें कि इसका कौन-सा हिस्सा आपके इलाज के साथ फ़िट बैठता है।
शब्दों पर एक बात: टाइप 2 डायबिटीज एक अलग बीमारी है, और उसमें वजन घटाने की सलाह भी अलग है। अगर आपकी स्थिति वही है, तो इंसुलिन रेज़िस्टेंस और टाइप 2 डायबिटीज पर हमारी गाइड से शुरू करें।
टाइप 1 डायबिटीज में वजन क्यों बढ़ता है
टाइप 1 डायबिटीज में वजन अक्सर इसलिए बढ़ता है कि इंजेक्शन वाली इंसुलिन सेहतमंद पैंक्रियास की बनाई इंसुलिन से अलग तरह काम करती है, और लो शुगर लोगों को ज़्यादा खाने पर मजबूर करती है। इनमें से कुछ भी इच्छाशक्ति की कमी नहीं है।
The Lancet Diabetes & Endocrinology की एक समीक्षा तीन मुख्य कारण बताती है। इंजेक्शन या पंप की इंसुलिन पहले लिवर में जाने के बजाय त्वचा के नीचे से खून में पहुँचती है, इसलिए बाकी शरीर को वह ज़्यादा मिलती है।
दूसरा कारण मेल न बैठना है: ऐसी डोज़ जो खाने की मात्रा या समय से ठीक से मेल नहीं खाती। तीसरा वह है जिसे डॉक्टर डिफ़ेंसिव स्नैकिंग कहते हैं, यानी लो शुगर से दूर रहने के लिए ज़्यादा खाना।
आधुनिक इलाज से पहले टाइप 1 डायबिटीज वाले लोग आम तौर पर दुबले होते थे। देखभाल जैसे-जैसे गहन होती गई, यह बदल गया। पिट्सबर्ग के 589 लोगों के एक समूह में, जिन्हें 18 साल तक देखा गया, मोटापे वालों का हिस्सा लगभग सात गुना बढ़ा, जबकि गहन इंसुलिन का इस्तेमाल 7 % से 82 % तक पहुँच गया।
वह एक ऑब्ज़र्वेशनल अध्ययन था, इसलिए यह साबित नहीं कर सकता कि बदलाव सिर्फ़ इंसुलिन से हुआ, और उस दौरान आम आबादी में भी वजन बढ़ रहा था। फिर भी उस समूह में गहन इलाज शुरू करना वजन बढ़ने के संकेतों में से एक था।
यह समझौता असली है, पर इंसुलिन से डरने की वजह नहीं। ग्लूकोज़ का अच्छा कंट्रोल आपकी आँखों, किडनी, नसों और दिल की रक्षा करता है, और इंसुलिन जान बचाती है। लक्ष्य है कि वजन घटाते हुए यह सुरक्षा बनी रहे।
| कारण | इसका मतलब | आप क्या कर सकते हैं | फ़ैसला कौन करता है |
|---|---|---|---|
| इंसुलिन त्वचा से जाती है | मांसपेशियों और चर्बी को काम करते पैंक्रियास से ज़्यादा इंसुलिन मिलती है | खाने की गुणवत्ता, हिस्सों और सैर पर ध्यान दें | आप, अपनी टीम के साथ |
| खाने से मेल न खाती डोज़ | हाई और लो शुगर, जिनसे ज़्यादा खाना होता है | दो हफ़्ते खाने और ग्लूकोज़ की डायरी रखें | आपकी डायबिटीज टीम इंसुलिन बदलती है |
| लो शुगर से बचने के लिए खाना | “कहीं ज़रूरत न पड़ जाए” वाले फ़ालतू स्नैक्स, अक्सर रात को या गतिविधि से पहले | लिखें कि कब और क्यों स्नैक लेते हैं | आपकी टीम कारण देखती है |
| हाइपो का इलाज ज़रूरत से ज़्यादा | नपी मात्रा की जगह पूरी चॉकलेट बार या पूरा पैकेट | नपी हुई हाइपो किट तैयार रखें | आप, अपनी टीम के प्लान से |
| एक्सरसाइज़ में हाइपो का डर | कम गतिविधि, कम कैलोरी खर्च | खाने के बाद छोटी सैर से शुरू करें | आप, अपनी टीम के सुरक्षा प्लान के साथ |
टाइप 1 डायबिटीज में ज़्यादा वजन क्यों मायने रखता है
टाइप 1 डायबिटीज में ज़्यादा वजन इसलिए मायने रखता है कि वह डायबिटीज के अपने जोखिमों के ऊपर मोटापे के दिल और खून की चर्बी वाले जोखिम जोड़ देता है। ऊपर बताई समीक्षा चिंताओं में दिल की बीमारी, स्ट्रोक और कई कैंसर गिनाती है।
सबसे साफ़ आँकड़े बड़े Diabetes Control and Complications Trial (DCCT) से आते हैं। 1,168 वयस्कों में, गहन इंसुलिन पर सबसे ज़्यादा वजन बढ़ाने वालों का वजन-लंबाई पैमाने पर औसत 31 तक पहुँचा, जबकि सबसे कम बढ़ाने वालों में यह 24 था।
उस ऊपरी समूह का ब्लड प्रेशर भी ज़्यादा था (औसतन 120/77 बनाम 113/73 mmHg) और खून की चर्बी कम सेहतमंद थी, जो इंसुलिन रेज़िस्टेंस जैसा पैटर्न है। शोधकर्ताओं ने चेताया कि इससे समय के साथ दिल की बीमारी का जोखिम बढ़ सकता है।
ट्रायल के 1,213 वयस्कों को लगभग 26 साल तक आगे देखकर इस चेतावनी को परखा गया। पूरे समय में दिल की घटनाओं की संख्या समूहों के बीच साफ़ तौर पर अलग नहीं थी।
पर लगभग 14वें साल से, सबसे ज़्यादा वजन बढ़ाने वालों में दिल की घटनाओं की रेखा तेज़ी से ऊपर गई। यह ऑब्ज़र्वेशनल नतीजा है और इसके लिए लंबे फ़ॉलो-अप की ज़रूरत है, पर दिशा वही है।
इसलिए वजन पर काम करना फ़ायदेमंद है, और ग्लूकोज़ का अच्छा कंट्रोल फिर भी ज़रूरी है। वजन घटाने के लिए जान-बूझकर कभी अपनी शुगर ऊँची न रहने दें। दिल वाले पहलू पर और जानने के लिए कोलेस्ट्रॉल और वजन घटाना पर हमारा पेज और मोटापे के सेहत जोखिमों का ओवरव्यू देखें।
टाइप 1 डायबिटीज में वजन घटाने पर अध्ययन क्या कहते हैं
अब तक के अध्ययन दिखाते हैं कि टाइप 1 डायबिटीज में ग्लूकोज़ कंट्रोल बिगाड़े बिना वजन घटाना मुमकिन है, पर ट्रायल छोटे और कम अवधि के हैं। टाइप 1 में वजन घटाने का कोई बड़ा, लंबा ट्रायल अभी नहीं है।
| अध्ययन | कौन | क्या परखा गया | नतीजा | सबूत का प्रकार |
|---|---|---|---|---|
| ACT1ON पायलट | टाइप 1 और 27–40 BMI वाले 38 युवा वयस्क (19–30 साल) | तीन महीने कम कैलोरी वाली लो-कार्ब डाइट, कम कैलोरी वाली कम-फ़ैट डाइट या बिना कैलोरी लक्ष्य की मेडिटेरेनियन डाइट, डाइटीशियन की मदद के साथ | औसतन लगभग 2.7 kg कम; HbA1c सुधरा; हाइपो नहीं बढ़े; कोई डाइट साफ़ तौर पर बेहतर नहीं | छोटा पायलट रैंडमाइज़्ड ट्रायल |
| लो-कार्ब समीक्षा (Turton और साथी) | 9 अध्ययन, एक केस से 48 लोगों तक | ऊर्जा का 45 % से कम कार्बोहाइड्रेट | कुछ अध्ययनों में HbA1c घटा, कुछ में नहीं; जिन पाँच ने कुल इंसुलिन बताई, सब में वह कम थी | छोटे, मिले-जुले अध्ययनों की सिस्टमैटिक समीक्षा |
| DCCT और उसका फ़ॉलो-अप | 1,168 और 1,213 वयस्क | गहन बनाम सामान्य इंसुलिन इलाज | सबसे ज़्यादा वजन बढ़ना ऊँचे ब्लड प्रेशर और खून की चर्बी से जुड़ा; लगभग 14 साल बाद दिल की घटनाओं की रेखा तेज़ी से बढ़ी | ट्रायल और लंबा ऑब्ज़र्वेशनल फ़ॉलो-अप |
| एक्सरसाइज़ सहमति (Riddell और साथी) | विशेषज्ञ पैनल | टाइप 1 में सुरक्षित एक्सरसाइज़ कैसे करें | नियमित एक्सरसाइज़ शरीर की बनावट, खून की चर्बी और फ़िटनेस में मदद करती है; हाइपो का डर आम रुकावट है | सहमति वक्तव्य |
| ADA और EASD सहमति | टाइप 1 वाले वयस्क | पूरी देखभाल | ताज़ा अपडेट में अब टाइप 1 में मोटापे और दिल के जोखिम का प्रबंधन भी शामिल है | सहमति रिपोर्ट |
रोज़मर्रा की ज़िंदगी के लिए ACT1ON पायलट सबसे काम का है। प्रोग्राम में डाइटीशियन के साथ आठ पूरे काउंसलिंग सेशन और नियमित बातचीत शामिल थी, और कम कैलोरी वाली दोनों डाइट में कैलोरी लक्ष्य हर व्यक्ति के वजन के हिसाब से तय किए गए।
नतीजे लोगों में काफ़ी अलग थे: आधे से ज़्यादा को दूसरी डाइट पर भेजा गया, ज़्यादातर इसलिए कि उन्होंने अपने वजन का 2 % से कम घटाया था। वजन घटाने के अध्ययनों में यह सामान्य है, और यह अच्छी वजह है कि जो आपके लिए काम करे उसी पर टिके रहें, हर हफ़्ते प्लान न बदलें।
लेखकों का मुख्य संदेश उम्मीद भरा है: वजन और ग्लूकोज़ कंट्रोल को उलटी दिशाओं में खिंचने की ज़रूरत नहीं। खाने के कई तरीके काम कर सकते हैं, बशर्ते आप उन्हें निभा सकें और आपकी टीम इंसुलिन प्लान को उसके हिसाब से बदले।
हाइपो और कैलोरी: लो शुगर ठीक करें, फिर रुकें
लो शुगर (हाइपो) चुपचाप बहुत सारी कैलोरी जोड़ सकती है, क्योंकि हाइपो के दौरान खाने की इच्छा तेज़ होती है और ज़रूरत से कहीं ज़्यादा खा लेना आसान है। नपा हुआ इलाज आपकी रक्षा करता है और ये फ़ालतू कैलोरी कम रखता है।
हाइपोग्लाइसीमिया पर कनाडा की डायबिटीज गाइडलाइन साफ़ कहती है: लो शुगर का ज़रूरत से ज़्यादा इलाज न करें, क्योंकि इससे बाद में शुगर ऊँची हो सकती है और वजन बढ़ सकता है। फिर भी, जल्दी और सही इलाज हमेशा सबसे पहले आता है।
लो शुगर के लक्षण
लो शुगर का मतलब आम तौर पर 4.0 mmol/L (72 mg/dL) से कम ग्लूकोज़ है, या वह स्तर जो आपकी टीम ने आपके लिए तय किया है। आम लक्षण हैं:
- काँपना, पसीना आना या दिल का ज़ोर से धड़कना
- भूख, घबराहट या मतली
- ध्यान लगाने में दिक्कत, उलझन या नींद आना
- धुँधला दिखना, सिरदर्द, चक्कर या बोलने में दिक्कत
हर किसी को ये सब नहीं होते, और कुछ लोगों को बहुत कम महसूस होता है। अगर आप अक्सर शुरुआती लक्षण नहीं पकड़ पाते, तो अपनी टीम को बताएँ, क्योंकि इसके लिए अलग प्लान चाहिए।
गाइडलाइन लो शुगर का इलाज कैसे बताती हैं
किसी वयस्क में हल्की या मध्यम लो शुगर के लिए Diabetes Canada लगभग 15 g तेज़ असर वाली शुगर की सलाह देता है, बेहतर हो ग्लूकोज़ की गोलियाँ या पानी में घुली चीनी। 15 मिनट बाद दोबारा जाँचें, और अगर अब भी 4.0 mmol/L से नीचे हैं तो फिर 15 g लें।
स्तर ऊपर आ जाए तो, अगर खाने का समय हो, अपना सामान्य खाना खाएँ। अगर अगला खाना एक घंटे से ज़्यादा दूर है, तो गाइडलाइन लगभग 15 g कार्बोहाइड्रेट और थोड़े प्रोटीन वाला छोटा स्नैक सुझाती है। आपकी अपनी टीम थोड़ी अलग मात्रा बता सकती है; उनका प्लान मानें।
तेज़ असर वाली शुगर हमेशा साथ रखें, हर सैर पर भी। अगर डायबिटीज वाला कोई व्यक्ति बेहोश है, निगल नहीं पा रहा या उसे दौरा पड़ रहा है, तो तुरंत अपने इलाक़े के इमरजेंसी नंबर पर फ़ोन करें। अपनी टीम से कहें कि वह परिवार वालों को गंभीर लो शुगर में मदद करना सिखाए।
| आप क्या लेते हैं | कार्बोहाइड्रेट | कैलोरी | वजन घटाने के लिए इसका मतलब |
|---|---|---|---|
| पानी में घुली 15 g चीनी | 15 g | लगभग 60 kcal | तेज़ और नपा हुआ: गाइडलाइन की पसंद |
| 150 ml संतरे का जूस | लगभग 16 g | लगभग 70 kcal | काम करता है, शुद्ध चीनी से थोड़ा धीमा |
| 1 बड़ा चम्मच शहद (लगभग 21 g) | लगभग 17 g | लगभग 65 kcal | नपा हुआ, घर पर रखना आसान |
| 300 ml संतरे का जूस (एक बड़ा गिलास) | लगभग 31 g | लगभग 135 kcal | दोगुनी मात्रा: बाद में हाई शुगर का खतरा |
| 4 चॉकलेट चिप बिस्किट (लगभग 40 g) | लगभग 26 g | लगभग 200 kcal | गाइडलाइन की पसंद नहीं; तीन गुना से ज़्यादा कैलोरी |
| 50 g की मिल्क चॉकलेट बार | लगभग 30 g | लगभग 270 kcal | हाइपो के लिए सलाह नहीं; चार गुना से ज़्यादा कैलोरी |
हफ़्ते में तीन हाइपो का इलाज नपी चीनी की जगह चॉकलेट से करने पर हर हफ़्ते लगभग 600 kcal ज़्यादा जुड़ जाती हैं। कुछ महीनों में सिर्फ़ इससे वजन घटना रुक सकता है।
नपी हुई हाइपो किट बनाएँ
- एक-एक डोज़ छोटी थैलियों या डिब्बियों में रखें, हर एक में उतनी मात्रा जितनी आपकी टीम ने बताई है।
- एक अपने बैग में, एक बिस्तर के पास और एक वहाँ रखें जहाँ आप सैर या एक्सरसाइज़ करते हैं।
- इलाज करते समय 15 मिनट का टाइमर लगाएँ, ताकि आप और खाने के बजाय दोबारा जाँचें।
- किट को मिठाइयों से अलग रखें, ताकि हाइपो स्नैक में न बदल जाए।
डिफ़ेंसिव स्नैकिंग: “कहीं ज़रूरत न पड़ जाए” वाला खाना
टाइप 1 वाले बहुत से लोग सोने से पहले, सैर से पहले या व्यस्त दिन में सिर्फ़ लो शुगर से दूर रहने के लिए ज़्यादा खा लेते हैं। यह सुरक्षित लगता है, पर कैलोरी जल्दी जुड़ जाती हैं।
बार-बार हाइपो होना, या उन्हें रोकने के लिए स्नैक्स की ज़रूरत पड़ना, अपनी टीम से बात करने की वजह है, ज़्यादा खाने की नहीं। Diabetes Canada टीमों को हर मुलाक़ात में आपके हाइपो देखने की सलाह देता है, और हो सकता है आपके इंसुलिन प्लान को बदलना पड़े। लिखें कि हाइपो कब होते हैं, ताकि कारण आसानी से मिले।
जो स्नैक्स आप भूख की वजह से चुनते हैं, हाइपो की वजह से नहीं, उनके लिए हमारी हेल्दी स्नैक्स गाइड देखें। उस पेज पर कैलोरी और प्रोटीन के साथ आइडिया हैं।
टाइप 1 डायबिटीज में वजन घटाने के लिए खाना
टाइप 1 डायबिटीज में वजन घटाने के लिए सबसे अच्छा खाना वही अच्छा खाना है जो सबकी मदद करता है: कम मीठे पेय और तले स्नैक्स, छोटे हिस्से, और हर खाने में प्रोटीन और फ़ाइबर। फ़र्क यह है कि आपकी इंसुलिन को इन बदलावों के साथ चलना होता है।
ACT1ON पायलट में खाने के कई तरीके काम आए, इसलिए आप वह चुन सकते हैं जिसे निभा सकें। वहाँ से शुरू करें जहाँ आपकी कैलोरी सबसे ज़्यादा हैं और काटना सबसे आसान है।
- पहले पेय। मीठे सॉफ़्ट ड्रिंक और जूस की जगह पानी, बिना चीनी की चाय या कॉफ़ी लें; जूस सिर्फ़ हाइपो के इलाज के लिए रखें। वजन घटाने के लिए ड्रिंक्स पर हमारी गाइड विकल्पों की तुलना करती है।
- हिस्से नापें। छोटी प्लेट और स्टार्च का नपा हिस्सा कार्बोहाइड्रेट गिनना और कैलोरी काटना आसान बनाते हैं। पोर्शन कंट्रोल पर हमारा पेज तरीका दिखाता है।
- खाने में प्रोटीन और फ़ाइबर। अंडे, दही, मछली, चिकन, दाल या राजमा-चना, सब्ज़ियों के साथ, आपको देर तक भरा रखते हैं। आइडिया के लिए हमारे हाई प्रोटीन खाने देखें।
- खाने का नियमित समय। रोज़ लगभग एक ही समय पर खाने से इंसुलिन को खाने से मिलाना और पैटर्न पहचानना आसान होता है।
- कम तले और चिकने स्नैक्स। चिप्स, पेस्ट्री, समोसे और फ़ास्ट फ़ूड कम पेट भरते हुए बहुत कैलोरी जोड़ते हैं।
कार्बोहाइड्रेट गिनना आपका और आपकी टीम का काम रहता है, और यह पेज कोई कार्ब रेशियो या डोज़ नहीं देता। चावल, आलू, रोटी-ब्रेड और पास्ता के लिए कार्ब्स और वजन घटाना पर हमारी गाइड हिस्से और बदलाव बताती है।
जब आप कम कैलोरी खाना शुरू करते हैं, तो कुछ ही दिनों में आपका ग्लूकोज़ पैटर्न बदल सकता है। पहले से अपनी टीम के साथ तय करें कि कितनी बार जाँचना है और कब उन्हें फ़ोन करना है।
शराब का ज़िक्र भी ज़रूरी है। यह कैलोरी जोड़ती है और लो शुगर के शरीर के चेतावनी संकेतों को कमज़ोर कर सकती है, इसलिए अपनी टीम से पूछें कि यह आपके प्लान में कैसे फ़िट होती है।
टाइप 1 डायबिटीज में लो-कार्ब और कीटो: सिर्फ़ अपनी टीम के साथ
टाइप 1 डायबिटीज में लो-कार्ब डाइट मुमकिन है, पर सिर्फ़ अपनी डायबिटीज टीम के करीबी साथ से। बहुत कम कार्ब और कीटो डाइट में दो खास खतरे हैं: गंभीर हाइपो और डायबिटिक कीटोएसिडोसिस (DKA)।
Turton और साथियों की समीक्षा को टाइप 1 में लो-कार्ब खाने के सिर्फ़ नौ छोटे अध्ययन मिले। कुछ में HbA1c कम हुआ और कुछ में नहीं, और अध्ययन इतने अलग थे कि एक साझा जवाब नहीं निकल सका।
जिन पाँच अध्ययनों ने इसे बताया, सब में लोगों ने लो-कार्ब खाने पर कम इंसुलिन ली। इससे दिखता है कि कार्बोहाइड्रेट घटने पर इंसुलिन की ज़रूरत कितनी तेज़ी से बदल सकती है, और टीम के बिना अचानक बदलाव से हाइपो क्यों हो सकते हैं।
कीटोएसिडोसिस दूसरा खतरा है। यह तब होता है जब शरीर में पर्याप्त इंसुलिन नहीं होती और वह कीटोन नाम के एसिड इतनी तेज़ी से बनाने लगता है कि उन्हें बाहर नहीं निकाल पाता।
टाइप 1 वाले युवा वयस्कों में कीटो खाने पर एक हाल की समीक्षा चेताती है कि सही इंसुलिन प्रबंधन के बिना कीटो प्लान से DKA हो सकता है। इंसुलिन में छोटी कटौती भी इसे शुरू कर सकती है, और बहुत कम कार्ब वाली डाइट पर यह तब भी हो सकता है जब ग्लूकोज़ लगभग सामान्य दिखे।
उपवास, बहुत कम खाना और बीमारी भी जोखिम बढ़ाते हैं। डायबिटीज की कुछ अतिरिक्त गोलियाँ भी DKA की सीमा घटाती हैं, खासकर लो-कार्ब खाने, कम खाने, शराब या ज़्यादा एक्सरसाइज़ के साथ।
अगर आपको टाइप 1 डायबिटीज है और उल्टी, पेट दर्द, गहरी या तेज़ साँस, साँस में फल जैसी गंध, बहुत प्यास के साथ बार-बार पेशाब, या नींद या उलझन दिखे, तो अस्पताल के इमरजेंसी विभाग जाएँ या अपने इलाक़े के इमरजेंसी नंबर पर फ़ोन करें। ये डायबिटिक कीटोएसिडोसिस के लक्षण हो सकते हैं, भले ही आपका ग्लूकोज़ बहुत ज़्यादा न हो।
वजन घटाने के लिए कभी इंसुलिन न छोड़ें, न कम करें। यह खतरनाक है और जल्दी DKA तक ले जा सकता है।
अगर आप ऐसा करने का मन महसूस करते हैं, या खाना और वजन आपको बहुत परेशान करते हैं, तो कृपया अपनी टीम को बताएँ; आप बिना किसी आलोचना के मदद के हक़दार हैं। मनोवैज्ञानिक सहारे पर हमारा पेज उपलब्ध मदद के तरीके बताता है।
आम वजन घटाने वाली डाइट के रूप में लो-कार्ब और कीटो के लिए हमारी तुलना वजन घटाने के लिए सबसे अच्छी डाइट देखें। इसे पृष्ठभूमि की तरह पढ़ें, और प्लान अपनी टीम के साथ बनाएँ।
टाइप 1 डायबिटीज में पैदल चलना और एक्सरसाइज़
टाइप 1 डायबिटीज में ज़्यादा हिलने-डुलने का सबसे आसान तरीका पैदल चलना है, बशर्ते आप अपना ग्लूकोज़ जाँचें और तेज़ शुगर साथ रखें। नियमित गतिविधि आपकी फ़िटनेस बढ़ाती है, दिल की मदद करती है और ज़्यादा कैलोरी खर्च करती है।
हाइपो का डर बहुत से लोगों को रोक देता है। टाइप 1 डायबिटीज वाले 100 वयस्कों के एक अध्ययन में हाइपोग्लाइसीमिया का डर एक्सरसाइज़ की सबसे बड़ी रुकावट था, और जो लोग समझते थे कि उनकी इंसुलिन कैसे काम करती है, उन्हें कम रुकावटें महसूस हुईं।
एक विशेषज्ञ सहमति बताती है कि टाइप 1 वाले लोग औसतन आम आबादी जितने ही, या उससे ज़्यादा, निष्क्रिय होते हैं। बहुत से लोग हफ़्ते की न्यूनतम गतिविधि तक नहीं पहुँचते, इसलिए अगर आप शून्य से शुरू कर रहे हैं तो आप बिल्कुल अकेले नहीं हैं।
कनाडा की शारीरिक गतिविधि गाइडलाइन हफ़्ते में कम से कम तीन दिनों में बँटी 150 मिनट की मध्यम गतिविधि की ओर बढ़ने का सुझाव देती है। इससे कम भी मदद करता है, इसलिए छोटे से शुरू करें और धीरे-धीरे बढ़ाएँ।
अलग-अलग गतिविधि पर आपका ग्लूकोज़ कैसे बदलता है
- पैदल चलना और लगातार गतिविधि आम तौर पर सैर के दौरान और बाद में ग्लूकोज़ घटाते हैं। लंबे सेशन के बाद शरीर 48 घंटे तक इंसुलिन के प्रति ज़्यादा संवेदनशील रहता है।
- शाम की गतिविधि से रात में हाइपो की संभावना बढ़ सकती है। अपनी टीम से पूछें कि इसके लिए कैसे प्लान करें।
- छोटी, बहुत कड़ी कोशिशें जैसे स्प्रिंट या भारी वजन उठाना, इसके उलट कुछ देर ग्लूकोज़ बढ़ा सकती हैं।
- ताक़त की एक्सरसाइज़ से लंबी सैर के मुकाबले आम तौर पर कम हाइपो होते हैं। स्ट्रेंथ ट्रेनिंग पर हमारी गाइड शुरुआत करना सिखाती है।
सैर से पहले, दौरान और बाद में
- निकलने से पहले ग्लूकोज़ जाँचें, और अपनी टीम से पूछें कि किस रेंज में शुरू करना सुरक्षित है।
- तेज़ असर वाली शुगर, अपना फ़ोन और कोई ऐसी चीज़ साथ रखें जिससे पता चले कि आपको डायबिटीज है।
- खाने के बाद 10 मिनट से शुरू करें, ऐसी रफ़्तार से जिसमें आप बात कर सकें।
- सैर के बाद फिर जाँचें, और जिन दिनों आप ज़्यादा सक्रिय रहे, सोने से पहले भी।
- अगर ग्लूकोज़ ऊँचा है और तबीयत ठीक नहीं, तो कीटोन जाँचें और कड़ी एक्सरसाइज़ न करें; अपनी टीम की बीमारी वाले दिनों की सलाह मानें।
खाने के बाद छोटी सैर एक अच्छा पहला कदम है। खाने के आसपास हिलने-डुलने पर हमारा पेज बताता है क्यों, और मुख्य पैदल चलने की गाइड में शुरुआत करने वालों का पूरा प्लान है।
आरामदायक मेहनत ढूँढने के लिए हमारा हार्ट रेट ज़ोन कैलकुलेटर मदद करता है; बात करने वाला टेस्ट भी उतना ही अच्छा काम करता है।
वजन, ग्लूकोज़ और प्रगति को साथ-साथ दर्ज करना
वजन और ग्लूकोज़ को साथ-साथ दर्ज करने से आपको और आपकी टीम को दिखता है कि आपके बदलाव कैसे काम कर रहे हैं। इससे यह भी जल्दी दिखता है कि आपकी इंसुलिन की ज़रूरत कब बदल रही है।
- हफ़्ते में एक बार वजन लें, एक ही दिन और एक ही समय पर। रोज़ के बदलाव अक्सर सिर्फ़ पानी होते हैं।
- अपने हाइपो लिखें: समय, कारण अगर पता हो, और आपने क्या लिया।
- अपनी सैर दर्ज करें, मिनट और पहले-बाद के ग्लूकोज़ के साथ।
- यह रिकॉर्ड हर मुलाक़ात में अपनी टीम को दिखाएँ, या हाइपो बढ़ें तो उससे पहले।
कम खाने और ज़्यादा चलने से आपकी इंसुलिन की ज़रूरत घट सकती है। यह अच्छी खबर है, पर डोज़ सिर्फ़ आपकी टीम बदले।
तेज़ रफ़्तार के बजाय धीमी, लगातार रफ़्तार का लक्ष्य रखें। ACT1ON पायलट में औसत तीन महीने में 2 kg से थोड़ा ज़्यादा था, और यह भी गिनती में आता है।
टाइप 1 डायबिटीज में दवाएँ और वजन
इंसुलिन टाइप 1 डायबिटीज का इलाज है और ज़िंदगी के लिए ज़रूरी है। वजन पर इसका असर अपनी टीम से बात करने की चीज़ है, कभी कम लेने की वजह नहीं।
टाइप 1 डायबिटीज और मोटापे वाले कुछ वयस्कों को इंसुलिन के साथ अतिरिक्त दवाएँ दी जाती हैं। BETTER रजिस्ट्री में ज़्यादा वजन या मोटापे वाले लोग इनका ज़्यादा इस्तेमाल करते थे। इनमें से कोई आपके लिए ठीक है या नहीं, यह आपकी डायबिटीज टीम का फ़ैसला है, और कुछ के अपने जोखिम हैं, कीटोएसिडोसिस समेत।
मूड, ब्लड प्रेशर या दूसरी बीमारियों की दवाएँ भी वजन पर असर डाल सकती हैं। दवाएँ और वजन बढ़ना पर हमारा पेज मुख्य समूह गिनाता है।
दवा आपके लिए सही है या नहीं, यह अपने डॉक्टर से बात करने की चीज़ है। Obesity Foundation वजन घटाने की दवाओं की सलाह या प्रचार नहीं करता; हमारा ध्यान अच्छे खाने, सही एक्सरसाइज़ और पैदल चलने पर है। आपकी इंसुलिन और डायबिटीज की बाकी दवाएँ आपकी डायबिटीज टीम तय करती है; उन्हें कभी खुद से शुरू, बंद या बदलें नहीं।
12 हफ़्ते का प्लान: टाइप 1 डायबिटीज में खाना और सैर
यह प्लान शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर या डायबिटीज टीम से बात करें। यह एक आम उदाहरण है, निजी सलाह नहीं, और आपकी टीम आपके इंसुलिन प्लान और ग्लूकोज़ पैटर्न के हिसाब से कोई भी कदम बदल सकती है।
हर कदम पिछले पर बनता है। आगे तभी बढ़ें जब कदम सामान्य लगने लगे और आपका ग्लूकोज़ स्थिर हो।
| हफ़्ते | खाने का कदम | सैर | ग्लूकोज़ जाँच | अपनी टीम से सवाल |
|---|---|---|---|---|
| 1–2 | रोज़ एक मीठे पेय की जगह पानी या चाय | रोज़ एक खाने के बाद 10 मिनट | हर सैर से पहले और बाद | सैर शुरू करने के लिए कौन-सी ग्लूकोज़ रेंज सुरक्षित है? |
| 3–4 | नपी हुई हाइपो किट बनाएँ; हर हाइपो लिखें | दो खानों के बाद 10 मिनट | सैर वाले दिनों सोने से पहले | मेरे हाइपो क्यों होते हैं, और हम उन्हें कैसे घटाएँ? |
| 5–6 | स्टार्च का हिस्सा नापें; सब्ज़ियाँ जोड़ें | दो खानों के बाद 15 मिनट | नए हिस्सों के लिए जैसा तय हुआ | क्या मेरी खाने के समय की इंसुलिन बदलनी चाहिए? |
| 7–8 | नाश्ते और दोपहर के खाने में प्रोटीन | ज़्यादातर दिनों 20–30 मिनट | लंबी सैर के बाद की रात में हाइपो पर नज़र | शाम की गतिविधि के लिए कैसे प्लान करूँ? |
| 9–10 | कम तले स्नैक्स; मिठाई तय दिनों के लिए | हफ़्ते में दो छोटे स्ट्रेंथ सेशन जोड़ें | स्ट्रेंथ एक्सरसाइज़ से पहले और बाद | क्या मेरे हफ़्ते के वजन का रुझान ठीक है? |
| 11–12 | जो आदतें काम आईं, उन्हें बनाए रखें | टीम सहमत हो तो हफ़्ते में 150 मिनट की ओर बढ़ें | अपना रिकॉर्ड देखें | क्या हम मेरा HbA1c, ब्लड प्रेशर और खून की चर्बी जाँच सकते हैं? |
अगर किसी भी समय हाइपो बढ़ें, तो अगला कदम रोकें और अपनी टीम को फ़ोन करें। इसका मतलब है कि प्लान आपकी इंसुलिन से तेज़ असर कर रहा है, नाकामी नहीं।
आज ही अपनी टीम या डॉक्टर से कब संपर्क करें
कुछ हालात में उसी दिन या तुरंत मदद चाहिए। अपने इलाक़े के इमरजेंसी नंबर पर फ़ोन करें या अस्पताल के इमरजेंसी विभाग जाएँ अगर:
- आपको कीटोएसिडोसिस के लक्षण हैं: उल्टी, पेट दर्द, गहरी या तेज़ साँस, साँस में फल जैसी गंध, या नींद आना;
- डायबिटीज वाला कोई व्यक्ति बेहोश है, निगल नहीं पा रहा या उसे दौरा पड़ रहा है;
- दो बार इलाज के बाद भी आपकी लो शुगर ऊपर नहीं आती।
अगर आपको बार-बार हाइपो होते हैं, सैर के दौरान या बाद में हाइपो होता है, कीटोन बढ़े हैं, या ऊँचा ग्लूकोज़ नीचे नहीं आता, तो उसी दिन अपनी डायबिटीज टीम से संपर्क करें।
बिना प्लान के वजन घटना, साथ में बहुत प्यास और बहुत पेशाब, आज ही डॉक्टर को दिखाने की वजह है। इसका मतलब हो सकता है कि आपकी डायबिटीज कंट्रोल से बाहर है, जो सेहतमंद वजन घटाने का उलटा है।
सामान्य मुलाक़ात के लिए हमारी डॉक्टर विज़िट चेकलिस्ट तैयारी में मदद करती है। अपना वजन, ग्लूकोज़ और सैर का रिकॉर्ड साथ ले जाएँ।
अच्छे खाने और सैर से वजन घटाने के लिए मुफ़्त सहारा
हम अच्छे खाने, सही व्यायाम और पैदल चलने से लोगों को वजन घटाने और ज़्यादा सेहतमंद होने में मदद करते हैं। टाइप 1 डायबिटीज में हम आपकी डायबिटीज टीम के साथ काम करते हैं, कभी उसकी जगह नहीं, और हमारी हर सुविधा मुफ़्त है।
- मुफ़्त डाइट प्लान: नपे हिस्सों और कम मीठी फ़ालतू चीज़ों वाले नियमित खाने, जिन्हें आप अपनी टीम को दिखा सकते हैं ताकि वे इंसुलिन मिला सकें। अपना मुफ़्त डाइट प्लान पाएँ।
- मुफ़्त वर्कआउट वीडियो: तीन लेवल में 150 वीडियो, नरम Start सेशन से Strong तक, ताकि आप अपनी रफ़्तार से ताक़त जोड़ सकें। मुफ़्त वीडियो देखें।
- मुफ़्त वीडियो मीटिंग (अंग्रेज़ी में): अपने पहले कदमों और डायबिटीज टीम के लिए अपने सवालों की सूची पर बात करें। अपनी मुफ़्त वीडियो मीटिंग बुक करें।
- मुफ़्त Obesity Foundation Club: अपने अकाउंट में अपनी सैर और वर्कआउट दर्ज करें और हफ़्तों को जुड़ते देखें। Club से मुफ़्त जुड़ें।
हम डॉक्टर नहीं हैं और हम कभी इंसुलिन की सलाह नहीं देते। डोज़, हाइपो, कीटोन या आपके उपकरणों से जुड़े सवाल आपकी अपनी डायबिटीज टीम के लिए हैं।
टाइप 1 डायबिटीज आपसे हर दिन बहुत कुछ माँगती है। इसके ऊपर वजन घटाने में धैर्य लगता है, इसलिए एक पेय की अदला-बदली और एक छोटी सैर से शुरू करें, और बाकी में अपनी टीम की मदद लें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
इंसुलिन लेने पर टाइप 1 डायबिटीज वाले लोगों का वजन क्यों बढ़ता है?
इंजेक्शन वाली इंसुलिन सेहतमंद पैंक्रियास की इंसुलिन से ज़्यादा मात्रा में पूरे शरीर तक पहुँचती है, और डोज़ हमेशा खाने से मेल नहीं खाती। बहुत से लोग हाइपो रोकने या ठीक करने के लिए ज़्यादा खा भी लेते हैं। इंसुलिन फिर भी ज़रूरी है, इसलिए कम लेने के बजाय अपनी डायबिटीज टीम से पूछें कि वजन बढ़ना कैसे सीमित करें।
क्या टाइप 1 डायबिटीज में वजन घटाया जा सकता है?
हाँ। एक छोटे ट्रायल में टाइप 1 डायबिटीज और ज़्यादा वजन वाले युवा वयस्कों ने कई तरह की डाइट पर तीन महीने में लगभग 2.7 kg घटाया, उनका HbA1c सुधरा और हाइपो नहीं बढ़े। राज़ है कैलोरी में थोड़ी कमी, नियमित सैर और ऐसा इंसुलिन प्लान जिसे आपकी डायबिटीज टीम साथ-साथ बदलती रहे।
टाइप 1 डायबिटीज में वजन घटाने के लिए सबसे अच्छी डाइट कौन-सी है?
कोई एक सबसे अच्छी डाइट नहीं है। टाइप 1 के एक छोटे ट्रायल में लो-कार्ब, कम-फ़ैट और मेडिटेरेनियन तरीके, तीनों से वजन घटा। ऐसा तरीका चुनें जिसे निभा सकें, पहले मीठे पेय और बड़े हिस्से घटाएँ, और अपनी टीम को इंसुलिन बदलावों से मिलाने दें।
हाइपो से कैलोरी बढ़ने से कैसे रोकें?
हर हाइपो का इलाज तेज़ शुगर की नपी मात्रा से करें, 15 मिनट बाद दोबारा जाँचें और रेंज में लौटते ही रुक जाएँ। पहले से बनी एक-एक डोज़ साथ रखें ताकि हाइपो स्नैक में न बदले। अगर हाइपो बार-बार होते हैं, तो ज़्यादा खाने के बजाय अपनी टीम से इंसुलिन देखने को कहें।
क्या टाइप 1 डायबिटीज में पैदल चलना सुरक्षित है, और हाइपो से कैसे बचें?
ज़्यादातर लोगों के लिए हाँ, टीम के प्लान के साथ। निकलने से पहले ग्लूकोज़ जाँचें, तेज़ असर वाली शुगर साथ रखें, खाने के बाद छोटी सैर से शुरू करें और बाद में और सोने से पहले फिर जाँचें। पैदल चलना कई घंटों तक ग्लूकोज़ घटा सकता है, इसलिए शाम की सैर में ज़्यादा ध्यान चाहिए।
क्या टाइप 1 डायबिटीज में लो-कार्ब या कीटो डाइट सुरक्षित है?
सिर्फ़ डायबिटीज टीम के करीबी साथ से। कार्बोहाइड्रेट घटने पर इंसुलिन की ज़रूरत जल्दी गिर सकती है, जिससे हाइपो का खतरा बढ़ता है, और बहुत कम कार्ब या कीटो खाने से कीटोएसिडोसिस हो सकता है, कभी-कभी लगभग सामान्य ग्लूकोज़ के साथ। उल्टी, पेट दर्द, गहरी साँस या साँस में फल जैसी गंध हो तो इमरजेंसी मदद लें।
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